भारतीय टेलीविजन के स्वर्णिम दौर की चर्चा जब भी होती है, तो आमतौर पर पौराणिक धारावाहिकों का ही जिक्र सामने आता है। हालांकि इसी दौर में एक ऐसा ऐतिहासिक शो भी प्रसारित हुआ, जिसने दर्शकों को भारत के वास्तविक इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जोड़ा। साल 1988 में दूरदर्शन पर शुरू हुए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की नींव तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सुझाव पर रखी गई थी। उनका मानना था कि जिस तरह पौराणिक कथाएं लोकप्रिय हो रही हैं, उसी तरह देश के असली इतिहास को भी प्रभावशाली…
Read More