नई दिल्ली: शनिवार की सुबह, नोएडा की एक हाई-राइज सोसायटी में रहने वाली 43 वर्षीय शिवानी माथुर अपने दिन की तैयारियों में जुटी थीं कि तभी उनके फोन पर व्हाट्सऐप नोटिफिकेशन आया—“दीदी, आज मैं नहीं आऊंगी।” यह संदेश उनके लिए नया नहीं था, लेकिन इस बार घर में मेहमान आने वाले थे और वक्त बेहद कम था। घबराहट में उन्होंने सोसायटी ग्रुप पर मदद मांगी—“क्या किसी की हाउस हेल्प आज आ सकती है?” जवाब मिला—Urban Clap के इंस्टाहेल्प को ट्राय करिए, 10–15 मिनट में कोई आ जाएगा। कुछ ही देर…
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