देशभर में 27 लाख बिजली कर्मचारियों की हड़ताल आज, निजीकरण और पुरानी पेंशन बहाली को लेकर बड़ा आंदोलन

लखनऊ। बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों और अभियंताओं ने गुरुवार को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर करीब 27 लाख कर्मचारी एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे, जिससे पावर सेक्टर की गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

मुख्य मुद्दों पर केंद्रित विरोध प्रदर्शन
यह हड़ताल पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने की मांग को लेकर की जा रही है। साथ ही कर्मचारियों ने पावर सेक्टर में कार्यरत कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई है।

प्रदेश स्तर पर भी उठी निजीकरण रद्द करने की मांग
आंदोलन में पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण की प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग भी शामिल है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि निजीकरण से सेवा सुरक्षा और उपभोक्ता हित प्रभावित हो सकते हैं।

भर्ती और नियमितीकरण भी एजेंडे में शामिल
हड़ताल की अन्य प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर रोक लगाना, नियमित पदों पर सीधी भर्ती करना और आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण शामिल है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इन मांगों के समाधान तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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