यूपी विधानसभा में विधायकों के फोन न उठाने वाले अधिकारियों पर कड़ा रूख, अध्यक्ष महाना ने सुनाया आदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायकों के फोन कॉल रिसीव न करने वाले अधिकारियों के मामले पर विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बुधवार को स्पष्ट आदेश जारी किया है। अध्यक्ष महाना ने निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी विधायकों के फोन का सम्मानपूर्वक जवाब दें। आदेश का पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

निर्देश और अनुपालन पर जोर

अध्यक्ष महाना ने नियम 300 के तहत संसदीय कार्यमंत्री को निर्देश दिए कि वे स्पष्ट आदेश जारी करें और यह सुनिश्चित करें कि शासन द्वारा पूर्व में जारी आदेशों का अनुपालन सभी अधिकारियों द्वारा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि आदेशों का पालन न करना सेवा नियमावली का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही होगी।

नेता प्रतिपक्ष का मुद्दा उठाना

मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सदन में कहा था कि कार्यपालिका विधायिका और न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने बताया कि अधिकारी विधायकों का सम्मान नहीं करते और विधायकों के फोन कॉल रिसीव नहीं करते हैं। यह स्थिति विधायिका के स्वतंत्र कार्य और पीठ के आदेशों के पालन में बाधा डाल रही है।

सपा नेताओं ने भी जताई आपत्ति

सपा के मुख्य सचेतक कमाल अख्तर, डॉ. संग्राम यादव और डॉ. रागिनी सोनकर ने भी इस मुद्दे को सदन में उठाया। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि पिछली बार भी अधिकारियों को इस तरह की लापरवाही के लिए दंडित किया गया था। वर्तमान कार्यकाल में लंबित मामलों का निस्तारण करते हुए कई अधिकारियों को पहले ही दंडित किया जा चुका है।

शासनादेश और कार्यपालिका की जिम्मेदारी

संसदीय कार्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि शासन की ओर से कई आदेश जारी किए गए हैं कि अधिकारी विधायकों के टेलीफोन कॉल का जवाब दें। अगर अधिकारियों द्वारा विधायकों की बात नहीं सुनी जाती है, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस आदेश का उद्देश्य विधानसभा कार्य में पारदर्शिता और विधायकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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