Salary Hike 2026: कर्मचारियों के लिए मिला-जुला साल, औसतन 9% बढ़ेगी सैलरी, कुछ सेक्टरों में होगी ज्यादा कमाई

नई दिल्ली: साल 2026 में भारतीय कर्मचारियों के लिए सैलरी बढ़ोतरी को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस बार वेतन वृद्धि में कोई बड़ा उछाल देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन स्थिरता बनी रहेगी। एक ताजा सर्वे के मुताबिक, कंपनियां वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच संतुलित और सतर्क रुख अपनाते हुए सैलरी बढ़ाने की तैयारी में हैं।

औसतन 9.1% सैलरी बढ़ने का अनुमान
डेलॉयट इंडिया के ‘टैलेंट आउटलुक सर्वे’ के अनुसार, साल 2026 में औसतन वेतन वृद्धि करीब 9.1% रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 9.0% के लगभग बराबर है। इससे साफ है कि कंपनियां फिलहाल बड़े फैसले लेने के बजाय खर्चों को नियंत्रित रखते हुए सीमित बढ़ोतरी पर जोर दे रही हैं।

इन सेक्टरों में मिल सकती है ज्यादा बढ़ोतरी
सर्वे के मुताबिक, लाइफ साइंसेज और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के कर्मचारियों के लिए यह साल बेहतर रह सकता है। इन क्षेत्रों में क्रमशः 9.9% और 9.8% तक सैलरी बढ़ने की उम्मीद है। वहीं कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भी वेतन वृद्धि संतोषजनक रहने के संकेत हैं। हालांकि आईटीईएस सेक्टर में थोड़ी नरमी देखने को मिल सकती है, जहां इंक्रीमेंट करीब 8.5% तक सीमित रह सकता है।

जूनियर कर्मचारियों को मिलेगा ज्यादा फायदा
इस बार कंपनियों का फोकस जूनियर लेवल के कर्मचारियों और बेहतर प्रदर्शन करने वाले व्यक्तिगत कर्मचारियों पर ज्यादा है। करीब 500 कंपनियों पर आधारित इस सर्वे में सामने आया है कि इस वर्ग को औसतन 9.7% तक की सबसे अधिक सैलरी बढ़ोतरी मिल सकती है।

कंपनियां क्यों बरत रही हैं सावधानी?
विशेषज्ञों का मानना है कि वेतन वृद्धि की रफ्तार सीमित रहने के पीछे कई बड़े कारण हैं। नए लेबर कोड्स से बढ़ने वाली लागत, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण बदलता कार्य ढांचा और वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता ने कंपनियों को सतर्क बना दिया है। इसके अलावा मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर भी भविष्य की रणनीति पर पड़ सकता है।

सीईओ की सैलरी ग्रोथ भी हुई धीमी
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में प्रोफेशनल सीईओ की सैलरी ग्रोथ भी धीमी रही है। औसतन 5% की बढ़ोतरी के साथ उनका वेतन 10.5 करोड़ रुपये तक पहुंचा है, जो कोरोना महामारी के बाद सबसे धीमी वृद्धि मानी जा रही है।

कुल मिलाकर, साल 2026 में सैलरी इंक्रीमेंट का ट्रेंड स्थिर लेकिन सतर्क नजर आ रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि बढ़ती महंगाई के दौर में क्या 9% के आसपास की बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए पर्याप्त साबित होगी या नहीं।

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