सुबह-सुबह जल्दी उठना न सिर्फ आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि दिनभर एनर्जी और फोकस बनाए रखने में भी मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह 4:30 से 5:30 बजे के बीच का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है और इस दौरान उठने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर अच्छा असर पड़ता है।
सोने का सही टाइम सेट करें
अगर आप ब्रह्म मुहूर्त यानी 5:30 बजे तक उठना चाहते हैं, तो रात में कम से कम 9:30 बजे तक सो जाना चाहिए। नींद की पूरी अवधि लगभग 7 घंटे होनी चाहिए। इससे आपकी बॉडी क्लॉक ठीक से काम करती है और सुबह बिना अलार्म के भी आंख खुल जाती है। किसी भी समय उठना हो, उससे 7 घंटे पहले सोने का नियम अपनाना फायदेमंद रहता है। कोशिश करें कि हर रोज एक ही समय पर सोने और उठने की आदत बनाएं।
सोने से पहले स्क्रीन और डिनर का ध्यान रखें
सबसे जरूरी बात ये है कि सोने से एक घंटा पहले मोबाइल, टीवी या लैपटॉप का इस्तेमाल बंद कर दें। स्क्रीन का ज्यादा उपयोग नींद की क्वालिटी को खराब कर सकता है। इसके अलावा, सोने से 2-3 घंटे पहले डिनर कर लेना चाहिए। रात का हल्का और संतुलित भोजन आपके स्लीप साइकिल को बनाए रखने में मदद करता है।
हफ्ते भर में बनेगी आदत
अगर आप इस नियम को लगातार एक हफ्ते तक अपनाते हैं, तो एक हफ्ते में ही आप खुद-ब-खुद बदलाव महसूस करेंगे। इसके साथ ही सुबह जल्दी उठने के लिए पिलो तकनीक भी अपनाई जा सकती है। सोने से पहले तकिए को छूकर दृढ़ता से तीन बार बोलें, “मैं कल सुबह ___ बजे तरोताजा होकर उठ जाऊंगा/जाऊंगी।” यह तकनीक आपके अवचेतन मन को प्रोग्राम करती है और सुबह उठने की आदत को मजबूत करती है।
