Holashtak 2026 की शुरुआत 24 फरवरी से हो चुकी है और 1 मार्च को इसका छठा दिन है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलाष्टक के आठ दिनों में अलग-अलग ग्रह उग्र अवस्था में रहते हैं। 1 मार्च को बुध ग्रह उग्र माने जा रहे हैं, जिसका प्रभाव कुछ राशियों पर प्रतिकूल पड़ सकता है। खासकर करियर, शिक्षा और व्यापार से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है।
इन राशियों पर दिखेगा बुध की उग्रता का असर
होलाष्टक के छठे दिन बुध के उग्र होने से कर्क, कन्या और कुंभ राशि के जातकों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इन तीनों राशियों को करियर के मामलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस दौरान कोई बड़ा या जोखिम भरा फैसला लेने से बचना बेहतर रहेगा।
बुध को कारोबार का कारक ग्रह माना जाता है, इसलिए व्यापार से जुड़े लोगों को लेन-देन और नई योजनाओं में सोच-समझकर आगे बढ़ना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में भी एकाग्रता में कमी या अनावश्यक बाधाएं महसूस हो सकती हैं।
स्वास्थ्य के मोर्चे पर कुछ लोगों को एलर्जी जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं, इसलिए खानपान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। सामाजिक स्तर पर बातचीत करते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करें, क्योंकि बुध की उग्रता वाणी में तीखापन ला सकती है, जिससे छवि प्रभावित हो सकती है। स्त्री पक्ष के साथ व्यवहार में भी संयम रखने की सलाह दी गई है। यात्रा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सामान की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
बुध की उग्रता को शांत करने के उपाय
1 मार्च के दिन बुध ग्रह की उग्रता को कम करने के लिए कुछ पारंपरिक उपाय बताए गए हैं।
बुध के मंत्र ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ या ‘ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः’ का जप करना लाभकारी माना गया है।
भगवान गणेश की पूजा करने से भी उग्र बुध को शांत करने में मदद मिलती है।
गाय को हरा चारा खिलाना शुभ माना गया है।
मूंग दाल और हरे वस्त्र का दान करना भी बुध की स्थिति को संतुलित करने वाला उपाय बताया गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन उपायों को श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
