नई दिल्ली। हाईवे पर ड्राइविंग आम सड़कों की तुलना में आसान जरूर लगती है, लेकिन जरा सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। शहर के ट्रैफिक से दूर खुली सड़क पर स्पीड बढ़ाना, गलत लेन में चलना या लापरवाही से ओवरटेक करना कई बार जानलेवा साबित होता है। खासकर नए ड्राइवर्स के लिए हाईवे ड्राइविंग के नियम समझना बेहद जरूरी है। अगर आप भी लंबी दूरी की यात्रा पर निकल रहे हैं तो इन जरूरी बातों को नजरअंदाज न करें।
बड़ी गाड़ियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें
हाईवे पर बस, ट्रक और ट्रेलर जैसे भारी वाहनों से पर्याप्त दूरी बनाकर चलना बेहद जरूरी है। अक्सर ट्रकों के पीछे लगे बैरियर छोटी गाड़ियों को सीधे नीचे जाने से रोकते हैं, लेकिन हर स्थिति में यह सुरक्षा नहीं देता। टक्कर की स्थिति में कार के एयरबैग्स सही समय पर न खुलें तो जोखिम और बढ़ जाता है। कई कारों में एयरबैग सेंसर बोनट एरिया में लगे होते हैं, जबकि मॉडर्न गाड़ियों में ये बंपर या सेंटर कंसोल के पास भी दिए जाते हैं। इसलिए सुरक्षित दूरी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
राइट लेन में स्लो ड्राइविंग से बचें
हाईवे पर दाईं ओर की लेन आमतौर पर ओवरटेकिंग के लिए निर्धारित होती है। इसके बावजूद कई ड्राइवर्स इसी लेन में धीमी गति से गाड़ी चलाते हैं, जो ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन है। अगर आप राइट लेन में स्लो ड्राइव करेंगे तो पीछे से आने वाला वाहन बाईं ओर से ओवरटेक करने की कोशिश करेगा, जिससे टक्कर की आशंका बढ़ जाती है। लेन अनुशासन का पालन करना सुरक्षित ड्राइविंग की पहली शर्त है।
मोड़ या ब्लाइंड स्पॉट पर ओवरटेक न करें
हाईवे पर मोड़ या टर्न के दौरान ओवरटेक करना बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसे समय में सामने से आने वाले वाहन का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ब्लाइंड स्पॉट में आने से कार का कंट्रोल बिगड़ सकता है और ओवरस्टीयरिंग की स्थिति बन सकती है। इसलिए हमेशा कोशिश करें कि मोड़ खत्म होने के बाद ही ओवरटेक करें।
नाइट ड्राइविंग में लो बीम का इस्तेमाल करें
रात के समय हाईवे पर हाई बीम का इस्तेमाल सामने से आने वाले ड्राइवर की विजिबिलिटी को प्रभावित करता है। खासकर जहां डिवाइडर नहीं होता, वहां दूरी का गलत अनुमान गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। लो बीम पर गाड़ी चलाने से सामने वाले वाहन चालक को आपकी स्थिति का सही अंदाजा मिलता है और टक्कर की संभावना कम होती है।
ओवरस्पीडिंग से रहें दूर
खुली सड़क पर तेज रफ्तार रोमांचक जरूर लगती है, लेकिन यह सबसे बड़ा खतरा भी है। शहर से निकलते ही अचानक स्पीड बढ़ाना शरीर और वाहन दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। स्पीड के साथ तालमेल बैठाने में समय लगता है। धीरे-धीरे गति बढ़ाना और निर्धारित स्पीड लिमिट का पालन करना ही समझदारी है।
हाईवे ड्राइविंग में एक छोटी सी गलती बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। सतर्कता, संयम और ट्रैफिक नियमों का पालन ही सुरक्षित सफर की गारंटी है।
