मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। इस मुकाबले में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 254 रन का विशाल लक्ष्य खड़ा किया था। जवाब में इंग्लैंड की टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 246 रन ही बना सकी। एक समय ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड मैच पर पकड़ बना लेगा, लेकिन अंतिम ओवरों में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की शानदार गेंदबाजी ने मैच का रुख पलट दिया और भारत ने जीत अपने नाम कर ली।
टॉस के समय दिया था फैंस को चुप कराने का बयान
मैच से पहले टॉस के दौरान इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने वानखेड़े स्टेडियम में मौजूद भारतीय समर्थकों को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि आज रात भारतीय टीम को जबरदस्त समर्थन मिलने वाला है और उम्मीद है कि उनकी टीम भारतीय फैंस को काफी हद तक शांत रखने में कामयाब रहेगी।
लेकिन मैदान पर हालात बिल्कुल उलट नजर आए। भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बनाते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और अंत में जीत भी हासिल कर ली।
हार के बाद कप्तान ब्रूक ने मानी बड़ी गलती
मैच खत्म होने के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक काफी निराश नजर आए। उन्होंने कहा कि टीम को उम्मीद थी कि नई पिच की वजह से शुरुआत में गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिलेगी और पहली पारी में स्पिनरों को भी फायदा मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
ब्रूक ने माना कि फील्डिंग में हुई एक बड़ी गलती टीम पर भारी पड़ गई। उन्होंने कहा कि संजू सैमसन का कैच छोड़ना उनके लिए बड़ी चूक साबित हुई। उनके मुताबिक क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि कैच ही मैच जिताते हैं और इस मुकाबले में फील्डिंग में हुई गलती का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि टीम ने पूरी कोशिश की, लेकिन किस्मत साथ नहीं दे सकी।
तीसरे ओवर में छोड़ा था सैमसन का आसान कैच
दरअसल इंग्लैंड की हार की सबसे बड़ी वजह वही कैच माना जा रहा है जो मैच की शुरुआत में छूट गया। भारतीय पारी के तीसरे ओवर में जोफ्रा आर्चर की गेंद पर मिड ऑन पर फील्डिंग कर रहे हैरी ब्रूक ने संजू सैमसन का आसान कैच छोड़ दिया था। उस समय सैमसन सिर्फ 15 रन पर खेल रहे थे।
इस जीवनदान का सैमसन ने पूरा फायदा उठाया और बाद में मैच का रुख ही बदल दिया। उन्होंने 42 गेंदों पर 8 चौके और 7 छक्कों की मदद से 89 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस धमाकेदार बल्लेबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
इस तरह एक कैच की गलती इंग्लैंड के लिए भारी पड़ गई और भारतीय फैंस को शांत कराने की ब्रूक की उम्मीद भी अधूरी रह गई।
