पाकिस्तानी बमबारी पर भड़के हामिद करजई, बोले- ‘अफगान मातृभूमि की रक्षा करेंगे, हर हमले का देंगे जवाब’

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सैन्य टकराव अब खुली जंग का रूप ले चुका है। सामने आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों ओर से सैकड़ों लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए। इसके बाद तालिबान लड़ाकों ने डूरंड लाइन पर पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई तेज कर दी। इसी बीच अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है।

करजई का सख्त संदेश: एकजुट होकर देंगे जवाब

हामिद करजई ने बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तानी विमानों ने एक बार फिर काबुल, कंधार और पख्तिया में बमबारी की है। उन्होंने कहा, “अफगान किसी भी हालात में पूरी एकता के साथ अपनी मातृभूमि की रक्षा करेंगे और इस हिंसा का बहादुरी से जवाब देंगे। पाकिस्तान उन समस्याओं से बच नहीं सकता, जो उसने हिंसा और बमबारी के जरिए पैदा की हैं। उसे अपनी नीति बदलनी होगी और अफगानिस्तान के साथ सम्मानजनक व सभ्य संबंध बनाने होंगे।”

करजई का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है और सीमा पर लगातार गोलाबारी की खबरें आ रही हैं।

डूरंड लाइन पर बढ़ा टकराव, चौकियों पर हमले का दावा

जानकारी के मुताबिक, तालिबान लड़ाकों ने डूरंड लाइन पर पाकिस्तान की दर्जनों सैन्य चौकियों पर हमला किया है। देर रात तक हमलों और भारी गोलाबारी की तस्वीरें सामने आती रहीं। तालिबान सरकार का आरोप है कि पाकिस्तान की ओर से लगातार सीमा उल्लंघन किया जा रहा था, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।

तालिबान की ओर से दावा किया गया है कि कई पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा कर उन्हें आग के हवाले कर दिया गया है। साथ ही पाकिस्तान के 55 सैनिकों के मारे जाने और बड़ी संख्या में घायल होने का भी दावा किया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

बढ़ती जंग से क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा

सीमा पर बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता की आशंका बढ़ा दी है। लगातार हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालात तेजी से बदल रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस संघर्ष पर टिकी हुई हैं।

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