बाराबंकी: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जनपद के विकास क्षेत्र त्रिवेदीगंज की ग्राम पंचायत लखौरा स्थित एसएन मेमोरियल पब्लिक स्कूल में वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, सम्मान समारोह और अतिथियों के संबोधन ने पूरे परिसर को उत्साह से भर दिया। विद्यालय को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और बड़ी संख्या में अभिभावक एवं ग्रामीण कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
विधायक दिनेश रावत ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक दिनेश रावत रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए विद्यालय प्रबंधन को बधाई दी।
विशिष्ट अतिथियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में आलोक तिवारी (चेयरमैन), कृष्ण कुमार द्विवेदी ‘राजू भैया’, अरुण शुक्ला, अम्बरशरण जायसवाल, वासुदेव विक्रम प्रधान, पवन सिंह एडवोकेट, सत्यनाम रावत, गंगाराम साहू, नीलेश प्रधान, महेंद्र सिंह और विकास साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
वार्षिकोत्सव में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, नाटक और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मंच पर बच्चों का आत्मविश्वास और प्रतिभा देखने योग्य थी। अभिभावकों ने तालियों से उनका हौसला बढ़ाया। इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।
विद्यालय प्रबंधन ने जताया आभार
विद्यालय के प्रबंधक अमित यादव और प्रधानाचार्य विवेक यादव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और विद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। संरक्षक सुमित यादव एडवोकेट, अतुल यादव, रोहित यादव, संजय यादव, वंशराज, मोहित, श्रृष्टी, सारिका, कन्हैया लाल, वंशराज, मीनू अंकिता, लक्ष्मी, कोमल, अफरोज, विनायक सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संपादक सुधीर शर्मा और पत्रकार बैजनाथ जायसवाल की भी उपस्थिति रही। विद्यालय परिवार ने सामूहिक प्रयास से कार्यक्रम को सफल बनाया। वार्षिकोत्सव ने शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों के महत्व को भी रेखांकित किया।
