युगांडा के आर्मी चीफ और राष्ट्रपति के बेटे मुहूजी कैनेरुगाबा एक बार फिर अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने तुर्किये के सामने ऐसी मांग रख दी है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। कैनेरुगाबा ने तुर्किये से 1 अरब डॉलर (करीब 9000 करोड़ रुपये) और देश की ‘सबसे खूबसूरत महिला’ से शादी कराने की मांग की है।
30 दिन का अल्टीमेटम, नहीं मानी शर्तें तो कड़े कदम की चेतावनी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कैनेरुगाबा ने कहा कि अगर उनकी ये मांगें 30 दिनों के भीतर पूरी नहीं हुईं, तो युगांडा तुर्किये के साथ कूटनीतिक संबंध समाप्त कर सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि तुर्किश एयरलाइंस पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है और तुर्किये का दूतावास भी बंद किया जा सकता है।
तुर्किये यात्रा से बचने की सलाह, इजराइल को सैनिक भेजने की पेशकश
अपने बयानों में उन्होंने युगांडा के नागरिकों को तुर्किये की यात्रा से बचने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने इजराइल के समर्थन में एक लाख सैनिक भेजने की पेशकश भी की। हालांकि, इन बयानों पर तुर्किये की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सोमालिया मुद्दे पर लगाया आर्थिक शोषण का आरोप
कैनेरुगाबा ने तुर्किये पर आरोप लगाया कि उसने सोमालिया में इंफ्रास्ट्रक्चर, बंदरगाह और एयरपोर्ट परियोजनाओं से आर्थिक लाभ उठाया है, जबकि युगांडा ने अल-शबाब जैसे आतंकी संगठनों से लड़ने का बोझ उठाया। इसी आधार पर उन्होंने 1 अरब डॉलर की मांग को जायज ठहराया।
पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
यह पहली बार नहीं है जब कैनेरुगाबा अपने बयानों को लेकर चर्चा में आए हैं। इससे पहले भी उन्होंने विपक्षी नेता बॉबी वाइन को लेकर आपत्तिजनक और धमकी भरे बयान दिए थे, जिसके बाद उन्हें सफाई देनी पड़ी थी।
इटली को लेकर भी दिया था अजीब प्रस्ताव
साल 2022 में उन्होंने इटली की नेता जॉर्जिया मेलोनी से शादी के बदले 100 गाय देने का प्रस्ताव दिया था। इतना ही नहीं, प्रस्ताव ठुकराने पर रोम पर कब्जा करने की बात भी कही थी। इस बयान के बाद उनके पिता और राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी।
राजनीतिक महत्वाकांक्षा से जोड़कर देख रहे विशेषज्ञ
50 वर्षीय कैनेरुगाबा को राष्ट्रपति मुसेवेनी का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है, हालांकि इस दावे से राष्ट्रपति ने इनकार किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वे लगातार ऐसे बयानों के जरिए खुद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
