बिहार बजट 2026-27: सस्ते आवास और 5 नए एक्सप्रेस-वे का बड़ा ऐलान, 3.47 लाख करोड़ के बजट से विकास को रफ्तार देने का दावा

बिहार विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए नीतीश सरकार ने राज्य के समग्र विकास की दिशा में बड़े कदमों का संकेत दिया है। वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने सदन में 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया, जो चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के 3.17 लाख करोड़ रुपये के बजट से काफी अधिक है। बजट भाषण के दौरान सरकार ने बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

लाल बैग के साथ सदन पहुंचे वित्त मंत्री, बजट सत्र बना चर्चा का केंद्र
बजट सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित रहने के बाद फिर शुरू हुई। इसके बाद वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव लाल रंग का बैग लेकर विधानसभा पहुंचे और बजट भाषण प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने पिछले वर्षों में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं।

किफायती आवास योजना से आम जनता को बड़ी राहत का दावा
सरकार ने इस बजट में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ते आवास उपलब्ध कराने की योजना को प्राथमिकता दी है। सरकार का मानना है कि किफायती मकान मिलने से निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा। साथ ही निर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।

5 नए एक्सप्रेस-वे से सड़क नेटवर्क मजबूत करने की तैयारी
बजट में राज्य की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने 5 नए एक्सप्रेस-वे बनाने का ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से यातायात व्यवस्था सुगम होगी, यात्रा का समय कम होगा और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने एक्सप्रेस-वे को राज्य के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया है।

पंचतत्व मॉडल पर आधारित विकास रणनीति
वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान बिहार के विकास मॉडल को पंचतत्व—ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान—से जोड़ा। उन्होंने कहा कि राज्य की योजनाएं शिक्षा, तकनीक, नवाचार और सामाजिक न्याय को केंद्र में रखकर तैयार की जा रही हैं, जिससे संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

कृषि, उद्योग और रोजगार सृजन पर विशेष फोकस
बजट में चौथे कृषि रोडमैप के जरिए किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने की योजना शामिल है। इसके अलावा उद्योगों के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, स्टार्टअप को प्रोत्साहन और हाट-बाजार को मजबूत करने के उपायों की घोषणा की गई है। सरकार का दावा है कि इन कदमों से युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

विकसित बिहार के लक्ष्य की ओर सरकार का रोडमैप
वित्त मंत्री ने बजट को केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित बिहार की दिशा में रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ रही है। बजट पेश होने के बाद जहां सत्ता पक्ष ने इसे ऐतिहासिक बताया, वहीं विपक्ष ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाने के संकेत दिए हैं।

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