बरेली। उत्तर प्रदेश में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी पहल होने जा रही है। बरेली के ग्रेटर बरेली आवासीय योजना क्षेत्र में प्रस्तावित साइंस पार्क के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। शुक्रवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख द्वारा शासनादेश जारी करते हुए बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) को इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कार्यदायी संस्था नामित कर दिया गया है। इसके साथ ही साइंस पार्क के निर्माण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है।
आरएफपी जारी कर जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
बीडीए अधिकारियों के मुताबिक शासनादेश मिलते ही शीघ्र ही आरएफपी यानी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी की जाएगी। तय शर्तों के अनुसार एजेंसी का चयन कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। यह परियोजना न सिर्फ बरेली बल्कि आसपास के जिलों के छात्रों और आमजन के लिए विज्ञान की दुनिया को बेहद करीब से समझने का अवसर देगी।
ब्रह्मांड के रहस्यों से रूबरू होंगे छात्र और आमजन
साइंस पार्क के जरिए छात्र-छात्राओं और आम लोगों को वैज्ञानिक आधार पर ब्रह्मांड के रहस्यों की जानकारी मिलेगी। परियोजना के निर्माण और इसके कंटेंट डेवलपमेंट में अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का सहयोग भी लिया जाएगा। बीडीए ने रामगंगा नगर आवासीय योजना के सेक्टर-आठ में इस साइंस पार्क को विकसित करने की योजना बनाई है, जिसके लिए अब शासन की औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है।
पांच एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक साइंस पार्क
यह साइंस पार्क करीब पांच एकड़ क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के साथ समन्वय बनाकर इसका निर्माण किया जाएगा, जिस पर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बीडीए के उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य बरेली समेत अन्य जिलों के मेधावी छात्रों और युवाओं को विज्ञान की खोजों और रहस्यों से जोड़ना है।
एक ही छत के नीचे विज्ञान की हर दुनिया
साइंस पार्क में आधुनिक और प्राचीन विज्ञान से जुड़ी खोजों और चमत्कारों को एक ही परिसर में प्रस्तुत किया जाएगा। यहां एक्वाटिक पार्क विकसित किया जाएगा, जिसमें जल आधारित मनोरंजन और शैक्षणिक गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही एक्वेरियम में जलीय जीवों की विविध प्रजातियों को दिखाया जाएगा।
स्पेस म्यूजियम और प्लेनेटोरियम होंगे आकर्षण का केंद्र
साइंस पार्क में स्पेस म्यूजियम और अत्याधुनिक प्लेनेटोरियम भी विकसित किया जाएगा। यहां उच्च क्षमता वाले टेलीस्कोप की मदद से आकाशगंगा और सौरमंडल को देखने का अवसर मिलेगा। लघु तारामंडल के जरिए ब्रह्मांड और आकाशगंगा से जुड़ी रोचक फिल्में और वीडियो दिखाई जाएंगी, जिससे विज्ञान को अनुभव के स्तर पर समझा जा सकेगा।
पहले विज्ञान विभाग के पास थी जिम्मेदारी
रामगंगा नगर में प्रस्तावित साइंस पार्क के निर्माण की जिम्मेदारी पहले विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पास थी। परियोजना में देरी को देखते हुए बीडीए ने शासन से पत्राचार कर निर्माण जल्द शुरू कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद प्रमुख सचिव ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।
प्रमुख सचिव की बैठक के बाद बीडीए को मिली कमान
बैठक के बाद परियोजना में आ रही बाधाओं को समझते हुए प्रमुख सचिव ने साइंस पार्क के निर्माण की जिम्मेदारी बीडीए को सौंप दी। साथ ही परियोजना के आंतरिक विकास और वैज्ञानिक स्वरूप को मजबूत करने के लिए लखनऊ के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की मदद लेने का निर्णय लिया गया। इसके लिए बीते दिनों लखनऊ में बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. ने अन्य अधिकारियों के साथ प्रेजेंटेशन भी दिया था।
