दुनिया की सबसे अनोखी जगह, जहां 82 साल से रुका हुआ है समय !

Tyneham village England,village where time stopped,abandoned village England,Tyneham ghost village Dorset,World War II abandoned villages,unique places in the world,frozen in time villages,historic abandoned villages UK

नई दिल्ली। दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं, जिनके बारे में जानकर लोग चौंक जाते हैं। अक्सर लोग इनकी चर्चा करते हैं। धरती पर एक ऐसा ही गांव जिसकी समय-समय चर्चा होती है। यहां गांव इंग्लैंड में स्थित हैं। यहां पर जाने पर पता चलता है कि समय थम गया है। गांव में घर, गलियां, चौराहे, लैंपपोस्ट सब 20वीं सदी के शुरुआत की तरह ही हैं। इस गांव में आने वाले को ऐसा लगता है, जैसे वो एक सदी पीछे चला गया हो ।

यह गांव इंग्लैंड के डॉर्सेट में स्थित है, जिसका नाम टाइनहैम है । यह बीते अतीत का एक ऐसा अवशेष है, जो समय में ठहर चुके हैं। हालांकि, इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यहां रहने वाले लोगों को जबरन गांव छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था ।
पत्थर के घर, सुनसान सड़कें और खामोशी अभी उन लोगों की याद दिलाती है, जो कभी यहां पर हंसी-खुशी के साथ अपने परिवार के साथ रहते थे । यह गांव आज भी अपने बीते कल को सीने से लगाए है। यहां पर एक समृद्ध समुदाय के लोग रहते थे। गांव को छोड़ने के बाद उन्हें फिर कभी वापस लौटने की इजाजत नहीं दी गई।

यह भी पढ़ें : कपड़ों के बाद इंसान भी होंगे मशीन में साफ ! जापान की तीन करोड़ वाली ह्यूमन वॉशिंग मशीन ने मचाया धमाल

टाइनहैम गांव ब्रिटिश इतिहास का एक अनोखा हिस्सा है। अतीत का एक ऐसा अवशेष जो स्मृतियों में हमेशा याद रखा जाएगा। साल 1943 टाइनहम गांव के लिए अहम साबित हुआ । ब्रिटिश सेना ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इस गांव को कब्जे में ले लिया, क्योंकि यहां पर सैन्य ट्रेनिंग होनी थी । लुलवर्थ फायरिंग रेंज के पास यह गांव है। इसकी वजह से इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना गया । सेना के आदेश के बाद पूरे गांव को खाली करा दिया गया, जिसने सैकड़ों जिंदगियों को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया।

यहां के रहने वाले लोग अपना बलिदान राष्ट्र के सर्वोत्तम हित में मानते हुए गांव खाली कर दिया। लोगों को युद्ध खत्म होने के बाद लौटने की उम्मीद थी। एक संदेश यहां गिरजाघर के प्रवेश द्वार पर चिपकाया गया था। इसमें लिखा था कि कृपया गिरजाघर और घरों का ध्यान रखें। हम लोगों ने अपने घर को छोड़ दिया है, ताकि युद्ध जीतकर लोगों को स्वतंत्र रख सकें । हम एक दिन वापस आएंगे।अफसोस की बात यह है कि युद्ध खत्म होने के बाद भी लोग लौट नहीं पाए, क्योंकि गांव और उसके आसपास की जमीनों को सैन्य प्रशिक्षण अभ्यासों केलिए इस्तेमाल होने लगा था। अब 80 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह गांव अतीत की एक झलक दिखाता है।

यह भी पढ़ें : गंगा किनारे बसा चुनार का किला जहां रचा गया चंद्रकाता का तिलिस्म

Related posts