अयोध्या: उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को अब पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही अपने गन्ने के रकबे, अनुमानित उत्पादन और संभावित आपूर्ति पर्चियों की जानकारी घर बैठे मिल सकेगी। गन्ना विभाग अंतिम कैलेंडर तैयार कर रहा है, जिसे चीनी मिलों के संचालन से पहले केनयूपी.इन पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसान समय रहते गन्ने की कटाई और मिल तक आपूर्ति की तैयारी कर सकेंगे।
रुदौली में 11,768 हेक्टेयर में गन्ने की खेती
रुदौली तहसील क्षेत्र में इस वर्ष गन्ना सर्वे का काम 31 अगस्त तक पूरा हो चुका है। अब किसानवार आंकड़े पोर्टल पर दर्ज किए जा रहे हैं। सर्वे के मुताबिक इस बार क्षेत्र में गन्ने का रकबा 11,768 हेक्टेयर है, जबकि पिछले साल यह 12,376 हेक्टेयर था। यानी एक साल में गन्ने का रकबा 608 हेक्टेयर घट गया है।
इसके बावजूद गन्ने की खरीद का लक्ष्य बढ़ाया गया है। पिछले वर्ष 34 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद हुई थी, जबकि इस बार 42 लाख क्विंटल खरीद का लक्ष्य रखा गया है। करीब 23,976 किसानों के लिए तौल और आपूर्ति पर्चियां तैयार की जाएंगी।
अंतिम कैलेंडर से पहले जारी किया जा रहा प्री-कैलेंडर
विभाग अंतिम कैलेंडर जारी करने से पहले प्री-कैलेंडर तैयार कर रहा है। इसमें प्रत्येक किसान के नाम दर्ज रकबे, अनुमानित उत्पादन और संभावित आपूर्ति पर्चियों का विवरण शामिल रहेगा। इसे 5 सितंबर तक किसानों के सामने प्रदर्शित किया जा चुका है।
इसके बाद 16 सितंबर को सट्टा प्रदर्शन मेले के जरिए किसानों को उनके दर्ज आंकड़ों की जानकारी दी गई। यदि किसी किसान को रकबे, उत्पादन या पर्ची से जुड़े विवरण में कोई गलती मिलती है तो वह उसमें संशोधन करा सकेगा।
किसानों की आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद बनेगा अंतिम कैलेंडर
किसान मेलों के दौरान सामने आने वाली आपत्तियों को दर्ज किया जाएगा और समितियों के स्तर पर उनका निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद संशोधित आंकड़ों के आधार पर अंतिम कैलेंडर तैयार किया जाएगा। इससे पर्चियां जारी होने से पहले ही किसानों के रिकॉर्ड को दुरुस्त करने का मौका मिलेगा।
11 नवंबर के आसपास शुरू हो सकती है चीनी मिल की पेराई
रौजागांव चीनी मिल में इस बार पेराई सत्र करीब 11 नवंबर के आसपास शुरू होने की संभावना है। गन्ना आपूर्ति की पर्चियां पेराई शुरू होने से लगभग 15 दिन पहले जारी की जाएंगी। पर्ची जारी होने की जानकारी किसानों के मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिए भेजी जाएगी।
ई-गन्ना ऐप पर कोड से देख सकेंगे पर्चियों की संख्या
किसान ई-गन्ना ऐप पर अपना कोड दर्ज करके पर्चियों की संख्या और अपना कैलेंडर देख सकेंगे। जिन किसानों को अपना कोड पता नहीं है, वे नाम और गांव दर्ज करके भी कैलेंडर की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इससे किसानों को पहले से पता रहेगा कि उन्हें गन्ने की कटाई कब करनी है और मिल तक फसल पहुंचाने के लिए कब तैयारी करनी होगी।
रुदौली क्षेत्र में 265 गन्ना ग्राम सक्रिय
सहकारी गन्ना विकास समिति गनौली के सचिव अनिल कुमार के अनुसार, रुदौली तहसील क्षेत्र में 269 राजस्व ग्राम हैं, जबकि गन्ना विभाग के रिकॉर्ड में 272 गन्ना ग्राम दर्ज हैं। इनमें सात गन्ना ग्राम ऐसे हैं, जहां इस वर्ष गन्ने की फसल नहीं है। वर्तमान में क्षेत्र में 265 गन्ना ग्राम सक्रिय हैं।
