नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 5 अगस्त की रात बुध ग्रह मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के साथ बुध और शनि के बीच नवपंचम योग का निर्माण होगा। ज्योतिषीय मान्यता के मुताबिक यह शुभ योग 22 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान कुछ राशियों के जातकों को करियर, आर्थिक स्थिति और कार्यक्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है।
क्या होता है नवपंचम योग?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब दो ग्रह एक-दूसरे से पंचम और नवम भाव में स्थित होते हैं, तब नवपंचम योग का निर्माण होता है। 5 अगस्त को बुध के कर्क राशि में गोचर के बाद मीन राशि में स्थित शनि और बुध के बीच यही स्थिति बनेगी। इस कारण नवपंचम योग का प्रभाव 22 अगस्त तक बना रहेगा।
मिथुन राशि
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुध इस राशि के स्वामी ग्रह हैं और गोचर के दौरान द्वितीय भाव में रहेंगे, जिसे धन और परिवार का भाव माना जाता है। वहीं शनि कर्म भाव में स्थित रहेंगे। ऐसे में करियर में पहले की गई मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है। परिवार में भी सामंजस्य और सुखद वातावरण बना रह सकता है।
कन्या राशि
इस राशि के लिए बुध लाभ भाव में और शनि सप्तम भाव में रहेंगे। ज्योतिषीय दृष्टि से यह स्थिति सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने वाली मानी जाती है। सार्वजनिक जीवन, जनसंपर्क या लोगों से जुड़े कार्य करने वालों को लाभ मिलने की संभावना है। नौकरी बदलने की तैयारी कर रहे लोगों को मनचाहा अवसर मिल सकता है। वहीं काम के सिलसिले में होने वाली यात्राएं भी लाभदायक साबित हो सकती हैं।
मकर राशि
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार नवपंचम योग मकर राशि के जातकों के लिए आर्थिक दृष्टि से अनुकूल परिणाम दे सकता है। लंबे समय से की गई मेहनत का फल मिलने के संकेत हैं। निवेश से अच्छा प्रतिफल मिलने की संभावना जताई गई है। जो लोग नया व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त जिम्मेदारी या पदोन्नति मिलने के भी योग बताए गए हैं। पारिवारिक जीवन में भी सामंजस्य बना रह सकता है।
