रसोई का यह मुफ्त नुस्खा बना सकता है पौधों को फिर से हरा-भरा, चावल के पानी से ऐसे बढ़ाएं रुकी हुई ग्रोथ

नई दिल्ली: अगर आपके घर के गमलों में लगे पौधों की ग्रोथ रुक गई है, पत्तियां पीली पड़ने लगी हैं या पौधों में फूल नहीं आ रहे हैं, तो महंगी खाद खरीदने से पहले रसोई में मौजूद एक आसान घरेलू उपाय आजमा सकते हैं। चावल का पानी पौधों के लिए प्राकृतिक पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है, जो उनकी जड़ों को मजबूती देने और नई बढ़वार में मदद कर सकता है।

चावल धोने या उबालने के बाद बचा पानी अक्सर फेंक दिया जाता है, जबकि इसमें मौजूद कई पोषक तत्व पौधों की सेहत सुधारने में उपयोगी हो सकते हैं।

क्यों फायदेमंद है चावल का पानी?

चावल के पानी में स्टार्च के साथ कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, जिंक और नाइट्रोजन जैसे कई आवश्यक खनिज पाए जाते हैं। ये तत्व मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनाने, जड़ों को मजबूत करने और नई पत्तियों व फूलों की बढ़वार में सहायक माने जाते हैं।

स्टार्च मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ाने में भी मदद करता है, जिससे पौधों को पोषण बेहतर तरीके से मिल पाता है।

तीन तरीकों से तैयार कर सकते हैं चावल का पानी

चावल का पानी अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है।

पहला तरीका है कच्चे चावल धोने के बाद बचा सफेद पानी, जिसे सीधे पौधों की मिट्टी में डाला जा सकता है।

दूसरा तरीका उबले हुए चावल का मांड है। यह अपेक्षाकृत गाढ़ा होता है, इसलिए उपयोग से पहले इसमें सामान्य पानी मिलाकर पतला करना जरूरी है।

तीसरा तरीका फर्मेंटेड चावल का पानी है। इसके लिए चावल धोने के बाद बचा पानी एक से दो दिन तक ढक्कन बंद करके छायादार स्थान पर रखें। हल्की खट्टी गंध आने के बाद इसमें सामान्य पानी मिलाकर पौधों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

ऐसे करें इस्तेमाल

चावल का पानी सामान्य सिंचाई की तरह पौधों की मिट्टी में डाला जा सकता है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिल सकती है।

यदि पौधों की पत्तियां फीकी दिखाई दे रही हैं या उन पर छोटे कीड़े नजर आ रहे हैं, तो सादे चावल के पानी को स्प्रे बोतल में भरकर हल्का छिड़काव भी किया जा सकता है।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

अगर चावल उबालते समय पानी में नमक या तेल मिलाया गया है, तो ऐसे पानी का उपयोग पौधों में नहीं करना चाहिए।

उबले हुए चावल का पानी हमेशा पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही इस्तेमाल करें, क्योंकि गर्म पानी जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है।

चावल का पानी सप्ताह में केवल एक या दो बार ही प्रयोग करें। अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने से मिट्टी में फंगस या चींटियों की समस्या बढ़ सकती है।

 

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