कुएं में जहरीली गैस का कहर! बालाघाट में दो किसानों की मौत, तीन दिन में तीसरी घटना से दहशत

बालाघाट: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में कुएं में बनी जहरीली गैस के कारण दो किसानों की मौत हो गई। जिले के किरनापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत दहेदी के पीपरटोला में यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ, जब दोनों किसान खराब मोटर पंप की मरम्मत के लिए कुएं में उतरे थे। इस घटना के साथ ही जिले में तीन दिन के भीतर कुएं में जहरीली गैस से जुड़ी यह तीसरी घटना बन गई है।

मोटर पंप निकालने उतरे थे दोनों किसान

जानकारी के अनुसार, खेत की सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाला मोटर पंप खराब होने पर 45 वर्षीय महेश भारत लाल चौधरी मरार और 55 वर्षीय युवराज चंदन लाल बिसेन कलार उसे ठीक करने के लिए कुएं में उतरे थे। इसी दौरान दोनों कुएं में मौजूद मीथेन गैस की चपेट में आ गए और दम घुटने के बाद पानी में डूब गए।

एसडीईआरएफ ने रात में चलाया रेस्क्यू अभियान

घटना की सूचना मिलने पर किरनापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम को बुलाया गया। टीम ने देर रात करीब 10 बजे रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों शवों को कुएं से बाहर निकाला और पुलिस के हवाले कर दिया। दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

एक को बचाने गया दूसरा भी फंसा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पहले एक किसान कुएं में उतरा था। उसके बेहोश होने पर दूसरा किसान उसे बचाने के लिए नीचे गया, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

तीन दिन में तीसरी घटना, चार लोगों की जा चुकी जान

बालाघाट जिले में बीते तीन दिनों के भीतर कुएं में बनी मीथेन गैस से जुड़ी यह तीसरी घटना है। इन तीन घटनाओं में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। इससे पहले भरवेली थाना क्षेत्र के मरारी टोला में एक किसान अशोक मरार की मौत हो गई थी और उसके भतीजे समेत दो लोग घायल हुए थे। वहीं किरनापुर थाना क्षेत्र में हुई एक अन्य घटना में एक महिला की भी जान चली गई थी।

धान रोपाई के मौसम में बढ़ा खतरा

धान रोपाई का मौसम शुरू होने के साथ किसान सिंचाई के लिए मोटर पंप का अधिक उपयोग कर रहे हैं। खराबी आने पर कई लोग बिना सुरक्षा उपकरणों और गैस की जांच के सीधे कुएं में उतर जाते हैं, जिससे इस तरह के हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

 

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