US-Iran समझौते पर भारत की प्रतिक्रिया, PM मोदी बोले- शांति और स्थिरता की बहाली की बढ़ी उम्मीद

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का भारत ने स्वागत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस समझौते से पश्चिम एशिया क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सामान्य हालात की बहाली की उम्मीद मजबूत हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री आवाजाही पर पड़े प्रतिकूल असर को भी दूर करने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हालिया संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुईं और कई देशों को जानमाल के नुकसान का सामना करना पड़ा। ऐसे में दोनों देशों के बीच समझौता सकारात्मक संकेत है, जो क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता को मजबूती दे सकता है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव समाप्त करने की दिशा में अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति स्वागतयोग्य है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के साथ-साथ नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि शेष विवादित मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीतिक बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए, ताकि दोनों देशों के बीच एक स्थायी और व्यापक समझौता संभव हो सके।

ट्रंप ने किया था समझौते का ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 14 जून को अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बनने की घोषणा की थी। जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधि स्विट्जरलैंड में समझौते से जुड़ी औपचारिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 60 दिनों के युद्धविराम के दौरान दोनों पक्षों के बीच विभिन्न मुद्दों पर बातचीत जारी रहेगी। इनमें ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध, फ्रीज की गई संपत्तियों की रिहाई और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े विषय शामिल हैं। अंतिम समझौता लागू होने तक अंतरिम व्यवस्थाएं प्रभावी रहेंगी।

इस घटनाक्रम को वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव का असर ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय निवेश पर पड़ता रहा है।

 

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