लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए आयोजित होने वाली बहुप्रतीक्षित लिखित परीक्षा आज से शुरू हो गई है। 8, 9 और 10 जून तक चलने वाली इस भर्ती परीक्षा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए भर्ती बोर्ड ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी करते हुए परीक्षा केंद्रों पर जूते की बजाय चप्पल पहनकर आने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अनुसार, अब तक 16 लाख से अधिक अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर चुके हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
कलावा, मंगलसूत्र और धार्मिक प्रतीकों पर नहीं कोई रोक
भर्ती बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर कलावा, मंगलसूत्र और अन्य धार्मिक प्रतीक चिह्न पहनकर आने पर किसी प्रकार की रोक नहीं होगी। अभ्यर्थियों को केवल सुरक्षा जांच प्रक्रिया का पालन करना होगा।
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की जाएगी। आधार कार्ड सत्यापन, ई-केवाईसी और आइरिस स्कैनिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा।
32,679 पदों के लिए हो रही है भर्ती
भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डीजी एसबी शिरडकर ने बताया कि आरक्षी के 32,679 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए एसटीएफ और पुलिस को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। साल्वर गिरोह और नकल माफियाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र सुरक्षित पहुंचा दिए गए हैं और रविवार शाम से ही पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
हर पाली में करीब 4.90 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
भर्ती परीक्षा के लिए कुल 28.65 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। भर्ती बोर्ड के अपर सचिव भर्ती सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के अनुसार, प्रत्येक पाली में लगभग 4.90 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
महिला अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनके गृह जिलों में ही परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, ताकि उन्हें लंबी दूरी की यात्रा न करनी पड़े।
बस यात्रा में मिलेगी 50 प्रतिशत छूट
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने रोडवेज बसों में 50 प्रतिशत किराया छूट देने का फैसला किया है। अभ्यर्थी प्रवेश पत्र दिखाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों में आवागमन को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिले और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अतिरिक्त बसें और हेल्प डेस्क की व्यवस्था
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने परीक्षा के दौरान अतिरिक्त बसों के संचालन की तैयारी की है। प्रमुख बस अड्डों पर विशेष सहायता डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां अभ्यर्थियों को जरूरी जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
परिवहन विभाग ने जिला प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर पर्याप्त संख्या में बसें, चालक और परिचालक तैनात करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर अस्थायी रूट परिवर्तन और अतिरिक्त सेवाएं भी शुरू की जाएंगी।
