मुंबई की महिला कैब चालक से शुरू हुई जांच ने खोला करोड़ों के ड्रग्स नेटवर्क का राज, गुजरात में 75 करोड़ की फैक्ट्री का भंडाफोड़

मुंबई: मुंबई पुलिस की एक नियमित कार्रवाई ने अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का बड़ा खुलासा कर दिया। एक महिला कैब चालक की गिरफ्तारी से शुरू हुई जांच गुजरात तक पहुंची और आखिरकार पुलिस ने नर्मदा जिले में संचालित एक अवैध ड्रग्स निर्माण इकाई का पर्दाफाश कर दिया। कार्रवाई के दौरान करीब 75 करोड़ रुपये मूल्य की एमडी ड्रग्स और उससे जुड़े उपकरण बरामद किए गए हैं।

मुंबई पुलिस की साकीनाका थाना टीम और एंटी नारकोटिक्स सेल ने संयुक्त अभियान चलाकर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से मुंबई और गुजरात के बीच सक्रिय एक बड़े मादक पदार्थ तस्करी गिरोह को बड़ा झटका लगा है।

महिला कैब चालक की गिरफ्तारी से खुली परतें

पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब साकीनाका क्षेत्र में एक महिला को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, 21 मई को पेनिनसुला होटल के सामने कार्रवाई के दौरान 26 वर्षीय मुस्कान समीर खान के पास से 101 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की गई थी। पेशे से निजी कैब चालक बताई गई महिला के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पूछताछ के दौरान महिला ने पुलिस को ड्रग्स सप्लाई चेन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसी जानकारी के आधार पर जांच एजेंसियों ने नेटवर्क की अगली कड़ियों तक पहुंच बनाई।

तकनीकी जांच से गुजरात तक पहुंची पुलिस

पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर सप्लाई नेटवर्क का पीछा किया। जांच में पता चला कि गुजरात के नर्मदा जिले के वरखड़ गांव क्षेत्र में किराए पर ली गई एक फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर एमडी ड्रग्स का निर्माण किया जा रहा था।

जानकारी मिलने के बाद मुंबई पुलिस की विशेष टीम गुजरात पहुंची और स्थानीय सहयोग के साथ छापेमारी की। इस दौरान कथित ड्रग्स निर्माण केंद्र का भंडाफोड़ किया गया।

20 किलो एमडी ड्रग्स और भारी मात्रा में रसायन जब्त

छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 20 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग 75 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा ड्रग्स निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई रसायन, मशीनें और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, जब्त सामग्री में विभिन्न रासायनिक पदार्थों के साथ व्यावसायिक फ्रीजर, फ्लास्क, प्रोसेसिंग उपकरण और उत्पादन संबंधी मशीनरी शामिल है, जिनका उपयोग कथित तौर पर मादक पदार्थ तैयार करने में किया जा रहा था।

दो आरोपी गिरफ्तार, पुराने मामलों की भी जांच

पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामले दर्ज रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री किराए के परिसर में संचालित की जा रही थी और वहां लंबे समय से गतिविधियां चलने की आशंका है।

अब नेटवर्क के पूरे तंत्र की जांच

जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि फैक्ट्री में तैयार होने वाली ड्रग्स की आपूर्ति किन राज्यों और शहरों में की जा रही थी। इसके साथ ही नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेनदेन, सप्लाई चेन और अन्य सहयोगियों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से एक बड़े ड्रग्स सिंडिकेट के संचालन पर गंभीर असर पड़ेगा। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां तथा बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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