कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अंतरराष्ट्रीय सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और अवैध घुसपैठ पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने का दावा किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) की चौकियों और सीमा फेंसिंग के निर्माण के लिए अब तक 142.79 एकड़ अतिरिक्त जमीन सौंपी जा चुकी है। इसके साथ ही सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है। उनके मुताबिक कई सीमावर्ती जिलों में BSF को जमीन आवंटित की गई है, जहां अब फेंसिंग और सुरक्षा ढांचे का निर्माण तेज कर दिया गया है।
इन जिलों में BSF को मिली जमीन
सरकार की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक मुर्शिदाबाद जिले में सबसे ज्यादा 38.805 एकड़ जमीन BSF को दी गई है। इसके अलावा जलपाईगुड़ी में 35.165 एकड़ और कूचबिहार में 22.95 एकड़ जमीन सौंपी गई है।
इसके अलावा दार्जिलिंग में 8.815 एकड़, उत्तर दिनाजपुर में 2.84 एकड़, दक्षिण दिनाजपुर में 20.1701 एकड़, मालदा में 10.90 एकड़, नदिया में 0.55 एकड़ और उत्तर 24 परगना में 2.6 एकड़ जमीन सीमा सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए दी गई है।
बताया जा रहा है कि सिलीगुड़ी सब-डिवीजन के फांसीदेवा इलाके में भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का काम तेजी से चल रहा है। यहां करीब 27 किलोमीटर क्षेत्र में सुरक्षा ढांचा मजबूत किया जा रहा है।
‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ नीति पर जोर
राज्य सरकार ने अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ नीति पर काम तेज कर दिया है। सरकार का दावा है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जा रहा है।
इसी बीच उत्तर 24 परगना जिले के हाकिमपुर अंतरराष्ट्रीय चेकपोस्ट पर बांग्लादेश लौटने वाले लोगों की संख्या बढ़ने की भी बात सामने आई है। कुछ लोगों ने काम न मिलने और बढ़ती सख्ती के चलते वापस लौटने की बात कही है।
हर जिले में बनेंगे होल्डिंग सेंटर
राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पकड़े गए विदेशी नागरिकों और सजा पूरी कर चुके विदेशी कैदियों के लिए विशेष ‘होल्डिंग सेंटर’ बनाए जाएं। इन केंद्रों में उन लोगों को रखा जाएगा जिन्हें बाद में उनके देश वापस भेजा जाना है।
गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत कार्रवाई की जाए।
सीमा सुरक्षा को लेकर बढ़ी सख्ती
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर बढ़ती सख्ती आने वाले समय में घुसपैठ रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है। फेंसिंग, निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
