वॉशिंगटन: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच घोषित युद्धविराम अभी भी लागू है, हालांकि हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास सैन्य झड़पें देखने को मिली हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर युद्धविराम टूटा तो उसका असर बेहद बड़े स्तर पर दिखाई देगा। उन्होंने कहा, “अगर संघर्ष बढ़ा तो लोगों को खुद समझ आ जाएगा। ईरान की तरफ उठती रोशनी बहुत कुछ बता देगी।”
‘हमें उकसाने की कोशिश की गई’
वॉशिंगटन स्थित लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल के पास पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि हाल की घटनाओं में अमेरिकी सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और विरोधी ताकतों को भारी नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान समर्थित ताकतों ने अमेरिकी सैन्य जहाजों को उकसाने की कोशिश की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने बेहद सख्त और प्रभावी जवाब दिया। हालांकि उन्होंने इसे “छोटी हरकत” बताते हुए कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम है।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान के साथ समझौते की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उनके मुताबिक, बातचीत और समझौते की स्थिति किसी भी समय बन सकती है।
अमेरिकी युद्धपोतों पर हमले का दावा
अमेरिकी केंद्रीय कमान ने जानकारी दी कि अमेरिकी नौसेना के तीन युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य से ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहे थे, तभी उन पर मिसाइलों, ड्रोन और छोटी नौकाओं के जरिए हमला किया गया।
बताया गया कि निशाने पर आए युद्धपोतों में यूएसएस ट्रक्सटन, यूएसएस राफेल पेराल्टा और यूएसएस मेसन शामिल थे।
अमेरिकी सेना के अनुसार सभी हमलों को नाकाम कर दिया गया और किसी भी युद्धपोत को नुकसान नहीं पहुंचा। इसके बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर उन ठिकानों पर सटीक हमले किए, जहां से हमले संचालित किए जा रहे थे।
‘ईरानी हमलावरों को भारी नुकसान पहुंचा’
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सामाजिक मंच पर भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बयान जारी किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी युद्धपोत सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकल गए और अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने सभी मिसाइलों तथा ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।
ट्रंप ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में हमलावर पक्ष को भारी नुकसान हुआ और कई छोटी नौकाएं तबाह कर दी गईं। साथ ही उन्होंने ईरान के नेतृत्व पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि वहां के फैसले क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बन रहे हैं।
