अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को ईरान पर होने वाले हमलों को दो सप्ताह के लिए स्थगित करने की घोषणा कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति के एलान के बाद ईरान की सरकारी मीडिया ने भी युद्धविराम की पुष्टि की है।
ट्रंप का बयान और शर्तें
ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत, सुरक्षित और पूरी तरह खोलने पर सहमत हो जाता है, तो यह दोतरफा युद्धविराम होगा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल ने उनसे ईरान पर भेजे जाने वाले विनाशकारी बल को रोकने का अनुरोध किया था। इस आधार पर उन्होंने दो सप्ताह के लिए हमलों को स्थगित करने का निर्णय लिया।
ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका पहले ही सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर चुका है और अब ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति और मध्य पूर्व में स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान से 10 सूत्री प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जो आगे की बातचीत के लिए एक व्यावहारिक आधार है।
ईरान और इजरायल की पुष्टि
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भी युद्धविराम की पुष्टि की है। बयान में कहा गया कि यह समझौता ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की मंजूरी से हुआ है और इसे एक जीत के रूप में देखा जा रहा है। स्थायी शांति समझौते पर आगे की बातचीत इस्लामाबाद में होगी।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस ने बताया कि इजरायल ने भी युद्धविराम के लिए सहमति दे दी है। इस कदम को मध्य पूर्व में तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।
पिछली चेतावनी और अब स्थगन
ट्रंप ने मंगलवार को ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अस्वीकार करने पर अमेरिका ईरान के पावर प्लांट, ब्रिज और अन्य महत्वपूर्ण ढांचागत संसाधनों को निशाना बना सकता है। ईरान ने इससे पहले 45 दिनों के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया था और स्थायी शांति की मांग की थी।
