वॉशिंगटन/हवाना: वैश्विक स्तर पर गहराते तेल संकट के बीच अमेरिका के रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी तटरक्षक बल ने कच्चा तेल लेकर जा रहे एक रूसी टैंकर को क्यूबा की ओर बढ़ने की अनुमति दे दी है। इस फैसले को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा हालात और बढ़ते दबाव के बीच अमेरिका की बदली रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
730,000 बैरल तेल लेकर क्यूबा के करीब पहुंचा टैंकर
रिपोर्ट के मुताबिक यह रूसी टैंकर रविवार शाम तक क्यूबा के समुद्री क्षेत्र के बेहद करीब पहुंच चुका था। इसमें करीब 7.3 लाख बैरल कच्चा तेल लदा हुआ है। क्यूबा इस समय गंभीर ईंधन संकट से जूझ रहा है, ऐसे में इस खेप से उसे अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पहले दबाव, अब नरमी—अमेरिका का बदला रुख
यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका पहले क्यूबा पर तेल आपूर्ति को लेकर लगातार दबाव बनाता रहा है। जनवरी से अमेरिकी प्रशासन ने क्यूबा को मिलने वाली ईंधन आपूर्ति सीमित कर दी थी और अन्य देशों को भी चेतावनी दी थी कि वे क्यूबा को तेल भेजने से बचें। इतना ही नहीं, पहले एक टैंकर को क्यूबा के समुद्री क्षेत्र से वापस भी भेजा गया था।
कोस्ट गार्ड ने नहीं रोका, आदेश का इंतजार
मौजूदा मामले में अमेरिकी तटरक्षक बल क्षेत्र में मौजूद होने के बावजूद टैंकर को रोकने के लिए आगे नहीं बढ़ा। रिपोर्ट के अनुसार, टैंकर को रोकने के लिए कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए गए थे, जिसकी वजह से उसे आगे बढ़ने की अनुमति मिल गई।
फैसले पर सस्पेंस, आधिकारिक बयान नहीं
अमेरिका के इस कदम के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक बयान भी सामने नहीं आया है। यह भी साफ नहीं है कि भविष्य में इसी तरह के अन्य रूसी टैंकरों को भी अनुमति दी जाएगी या नहीं।
वैश्विक तनाव का असर ऊर्जा बाजार पर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष की स्थिति ने वैश्विक तेल बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। इसी बीच अमेरिका द्वारा पहले जारी किए गए एक ‘सामान्य लाइसेंस’ के तहत रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री को सीमित रूप से अनुमति दी गई थी। ऐसे में मौजूदा फैसला उसी नीति में लचीलापन दर्शाता है।
क्यूबा को मिल सकती है अस्थायी राहत
ईंधन की भारी कमी और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे क्यूबा के लिए यह तेल खेप राहत लेकर आ सकती है। हालांकि यह राहत कितने समय तक टिकेगी, यह आने वाले दिनों में अमेरिका की आगे की नीति पर निर्भर करेगा।
