नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है और इस बार सियासी पारा पहले से ज्यादा गर्म रहने की संभावना है। लोकसभा में सबसे पहला और अहम मुद्दा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव होगा। विपक्ष का आरोप है कि बिरला ने सत्र के पहले चरण में सदन के संचालन में गंभीर पक्षपात किया।
अमेरिका-इजरायल और रूस से तेल खरीद पर चर्चा
सत्र के दौरान संसद में अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ युद्ध के बीच रूस से तेल खरीदने की भारत को अनुमति देने के अमेरिका के एलान पर भी चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष इस मुद्दे को देश की रणनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ मानते हुए मोदी सरकार पर हमलावर है और इसे सदन में उठाने का एलान कर चुका है।
एसआईआर और चुनाव आयोग विवाद भी सदन में गूंजेंगे
विपक्षी दल पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव आयोग के विशेष सघन पुनरीक्षण के दौरान लाखों मतदाताओं के नाम काटे जाने को भी प्रमुख मुद्दा बनाएंगे। तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक का आरोप है कि भाजपा के निर्देश पर वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए।
अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष की रणनीति
बजट सत्र के पहले चरण में लोकसभा में राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर नेता विपक्ष राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था, जिसमें 118 सांसदों के हस्ताक्षर थे। तृणमूल ने नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, लेकिन अब दूसरे चरण की शुरूआत से पहले उसने समर्थन करने की घोषणा कर दी है।
सदन में सुरक्षा और व्हिप जारी
लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 से 12 बजे तक रिकी सिंगकोन के निधन पर श्रद्धांजलि देने के लिए स्थगित रहेगी। कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सदन में उपस्थित रहने का व्हिप जारी किया है, वहीं भाजपा ने भी सत्तापक्ष के सांसदों के लिए व्हिप जारी कर सदन में मौजूदगी सुनिश्चित की है। इसके अलावा सत्तापक्ष बंगाल चुनाव और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की राज्य यात्रा के दौरान हुए प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर तृणमूल पर हमलावर रहने की योजना बना रहा है।
