मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट ने अपनी मां सोनी राजदान की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘ओम का हरि’ देखी और फिल्म को लेकर अपना रिव्यू साझा किया। आलिया ने सोनी राजदान और अभिनेता अंशुमन झा के साथ थिएटर में यह फिल्म देखी। फिल्म की कहानी और कलाकारों के अभिनय की तारीफ करते हुए उन्होंने इसे ‘जेम ऑफ ए फिल्म’ बताया और दर्शकों से इसे अपने माता-पिता के साथ देखने की अपील की।
आलिया ने फिल्म को बताया ‘जेम ऑफ ए फिल्म’
आलिया भट्ट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर थिएटर में ली गई एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह अपनी मां सोनी राजदान और अभिनेता अंशुमन झा के साथ नजर आईं। फिल्म देखने के बाद आलिया ने इसकी तारीफ करते हुए इसे दिल छू लेने वाली फिल्म बताया।
उन्होंने सोनी राजदान को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत खास काम किया है। आलिया ने फिल्म के कलाकारों रघुबीर यादव, अंशुमन झा और आयशा कपूर की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि इन कलाकारों को एक साथ देखना ऐसा लगा जैसे किसी परिवार की नोकझोंक और हंसी-मजाक को करीब से देख रही हों।
आलिया ने दर्शकों से कहा कि इस फिल्म को अपने माता-पिता के साथ जरूर देखें।
पिता और बेटे के रिश्ते पर आधारित है कहानी
‘ओम का हरि’ की कहानी पिता और बेटे के जटिल रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है। हरि को लगता है कि उनके पास ज्यादा समय नहीं बचा है और वह अपने आखिरी दिन वाराणसी में बिताना चाहते हैं। वहीं, ओम अपने उस पिता को समझने की कोशिश करता है, जिसके साथ उसने वर्षों तक बहस और मतभेद का सामना किया है।
कहानी आगे बढ़ने के साथ दोनों के पुराने मतभेद, पारिवारिक तनाव और रिश्तों से जुड़ी भावनाएं सामने आती हैं। फिल्म में रिश्तों की कड़वाहट के साथ उनके बीच मौजूद भावनात्मक जुड़ाव को भी दिखाया गया है।
फिल्म में नजर आ रहे हैं ये कलाकार
‘ओम का हरि’ में रघुबीर यादव और अंशुमन झा मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म में सोनी राजदान, समता सुदीक्षा और आयशा कपूर भी अहम किरदार निभा रही हैं। हरीश व्यास ने फिल्म का निर्देशन किया है।
फिल्म 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। ‘ओम का हरि’ हरीश व्यास और अंशुमन झा की साथ में तीसरी फिल्म है। इससे पहले दोनों ‘अंग्रेजी में कहते हैं’ और ‘हम भी अकेले’ जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं।
दो पीढ़ियों के कलाकारों को साथ लाती है फिल्म
‘ओम का हरि’ में रघुबीर यादव और अंशुमन झा मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म दो पीढ़ियों के कलाकारों को एक साथ लेकर आती है। कहानी में पिता और बेटे के रिश्ते के जरिए परिवार, मतभेद और भावनात्मक जुड़ाव को सामने रखा गया है।
