नौकरी, मानदेय और कैशलेस इलाज… यूपी चुनाव से पहले योगी सरकार का बड़ा लाभार्थी प्लान, इन समूहों पर फोकस

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार अलग-अलग सामाजिक और कर्मचारी समूहों को आर्थिक राहत और सुविधाएं देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। नौकरी, मानदेय में बढ़ोतरी और कैशलेस इलाज जैसी घोषणाओं के जरिए नए लाभार्थी समूह तैयार किए जा रहे हैं। सरकार की ओर से रोजगार, विकास और कानून-व्यवस्था को प्रमुख मुद्दों के तौर पर आगे रखने की तैयारी है।

प्रदेश में भाजपा के लिए 2024 के लोकसभा चुनाव को छोड़कर पिछले चुनावों में वोट आधार बढ़ाने की कोशिश लगातार जारी रही है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार रोजगार और विकास से जुड़े कामों को प्रमुखता से सामने रखने की तैयारी में है। चुनाव की तारीखों की घोषणा में अभी समय है, लेकिन जिलों में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के साथ रोजगार अभियान को गति दी जा रही है।

हाल ही में सरकार ने मिशन एक लाख रोजगार की शुरुआत की है। इसे अलग-अलग विभागों और समूहों के हिसाब से आयोजित किया जा रहा है, ताकि रोजगार से जुड़ी गतिविधियों की यह श्रृंखला आगे भी जारी रहे।

गांव से शहर तक अलग-अलग समूहों पर फोकस

ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों का मानदेय 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये कर दिया गया है। उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा देने के साथ सेवा सुरक्षा की गारंटी भी दी गई है।

योगी कैबिनेट ने करीब 28 हजार पीआरडी जवानों के ड्यूटी भत्ते में भी बढ़ोतरी की है। उनका दैनिक ड्यूटी भत्ता 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ उन्हें पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा देने को भी मंजूरी दी गई है।

मिडडे मील रसोइयों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को राहत

मिडडे मील योजना से जुड़े साढ़े तीन लाख से अधिक रसोइयों का मानदेय 2 हजार रुपये से बढ़ाकर 3 हजार रुपये किया जा चुका है। इन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी गई है।

इसी महीने अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 8 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किए जाने की घोषणा की। आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय भी बढ़ाया जा रहा है। इन दोनों समूहों को मिलाकर लाभ पाने वालों की संख्या करीब 3.30 लाख बताई गई है।

शिक्षकों के लिए विशेष TET की तैयारी

TET पास करने की अनिवार्यता को लेकर नाराज चल रहे शिक्षकों के एक बड़े समूह को राहत देने के लिए सरकार विशेष TET परीक्षा कराने की तैयारी कर रही है। इसमें उन शिक्षकों को मौका देने की बात कही गई है, जो UPTET और CTET में सफल नहीं हो सके हैं।

सरकार पहले ही सभी शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने की घोषणा कर चुकी है। इससे इस वर्ग को भी स्वास्थ्य संबंधी सुविधा का लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

डॉक्टरों के मानदेय और ग्रामीण तैनाती पर भी नजर

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी NHM के जरिए रखे जाने वाले डॉक्टरों के मानदेय में बढ़ोतरी की तैयारी है। इसके अलावा सेवा बांड के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में तैनाती पाने वाले डॉक्टरों के मानदेय में भी बदलाव किए जाने की तैयारी की जा रही है।

इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े डॉक्टरों के समूह को आर्थिक राहत मिलने की संभावना है।

पेंशन पाने वालों की संख्या करीब सवा करोड़

वृद्धावस्था, निराश्रित और दिव्यांगजन पेंशन को बढ़ाने की घोषणा सरकार बजट सत्र में कर चुकी है। पेंशन की राशि 1 हजार रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये किए जाने की घोषणा की गई है।

इन तीनों श्रेणियों को मिलाकर लाभार्थियों की संख्या करीब सवा करोड़ बताई गई है। इस तरह सरकार की योजनाओं में रोजगार के साथ विभिन्न कर्मचारी समूहों, ग्रामीण कार्यबल, रसोइयों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, डॉक्टरों और पेंशन लाभार्थियों को भी शामिल किया जा रहा है।

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