UP Weather Alert: मार्च में ही 40°C पार का खतरा, समय से पहले तपने लगा उत्तर प्रदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस बार गर्मी ने तय समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक मार्च के महीने में ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। आमतौर पर अप्रैल में पड़ने वाली झुलसाने वाली गर्मी इस बार मार्च के अंतिम सप्ताह में ही महसूस होने के आसार हैं।

मौसम विभाग का अनुमान है कि मार्च के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। कुछ दिनों में पारा 35 डिग्री से ऊपर जा सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जिससे दिन और रात के तापमान में अंतर कम होता जाएगा। मध्य मार्च तक अधिकतम तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के संकेत हैं।

पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कम रहने और आसमान साफ बने रहने से तेज धूप पड़ेगी। हवाओं में नमी की कमी के कारण सूखी गर्मी का असर ज्यादा महसूस होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो मार्च के अंतिम सप्ताह में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है, जो सामान्य औसत से 2 से 3 डिग्री अधिक होगा। पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार मार्च में अधिकतम तापमान आमतौर पर 32 से 34 डिग्री के बीच रहता है।

आगरा में 33.6°C तक पहुंचा पारा

आगरा में रविवार को धूप का असर और तेज रहा। यहां अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक होकर 15.4 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता का अधिकतम स्तर 48 प्रतिशत तक पहुंचा। मौसम में बढ़ती गर्माहट के कारण दिन और रात दोनों समय गर्मी का एहसास होने लगा है।

दिल्ली में भी 30°C पार, तेज हवाओं से AQI में सुधार

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में भी गर्मी का असर साफ दिख रहा है। रविवार को कई इलाकों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जबकि रिज में 31.2 डिग्री और आयानगर में 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से करीब 4 से 5 डिग्री अधिक है।

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले सप्ताह में तापमान और बढ़ेगा तथा बुधवार तक अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पिछले 24 घंटों में दक्षिण-पश्चिमी सतही हवाएं 19 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं, जबकि झोंके 37 किमी प्रति घंटे तक पहुंचे। तेज हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 248 से घटकर 191 पर आ गया, जिससे यह ‘खराब’ श्रेणी से निकलकर ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुंच गया।

मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। संकेत साफ हैं कि इस बार मार्च ही अप्रैल जैसी तपिश लेकर आने वाला है।

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