पत्नी की बीमारी और घरेलू कलह से परेशान पति बना कातिल, कर्ज माफी के बदले कराई हत्या; एक चूक से खुल गई पूरी साजिश

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर रुस्तमपुर में रीता शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस जांच के बाद जो सच सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया। सात फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने का वादा करने वाला पति ही इस जघन्य हत्याकांड का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने पूरे मामले की परत-दर-परत साजिश का खुलासा करते हुए आरोपी पति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

लूट और हत्या की झूठी कहानी से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
ASP हापुड़ विनीत भटनागर के मुताबिक, 2 फरवरी की रात राहुल शर्मा ने पुलिस को सूचना दी थी कि अज्ञात बदमाशों ने उसके घर में घुसकर लूटपाट की और उसकी पत्नी रीता शर्मा की हत्या कर दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई। शुरुआती तौर पर मामला लूट के दौरान हत्या का बताया गया, लेकिन जल्द ही पुलिस को इस कहानी में कई खामियां नजर आने लगीं।

घर में जबरन घुसपैठ के निशान न मिलने से बढ़ा शक
घटनास्थल के निरीक्षण और फॉरेंसिक जांच के दौरान पुलिस को घर में किसी भी तरह की ‘फोर्स्ड एंट्री’ के निशान नहीं मिले। यही वह बड़ी चूक थी, जिसने पुलिस का शक सीधे पति राहुल शर्मा की ओर मोड़ दिया। पुलिस को यह भी पता चला कि वारदात के समय राहुल पास के ही एक शादी समारोह में मौजूद था और जानबूझकर वहां अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहा था, ताकि वह खुद को शक से दूर रख सके।

जिन मजदूरों को दिया था कर्ज, उन्हीं से कराई पत्नी की हत्या
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि राहुल ने अपनी फैक्ट्री में काम करने वाले दो मजदूरों शेर अली और फिरोज को इस खौफनाक वारदात के लिए तैयार किया था। उसने दोनों का करीब 60 हजार रुपये का पुराना कर्ज माफ करने और इसके अलावा अतिरिक्त पैसे देने का लालच दिया। योजना के मुताबिक, राहुल शादी समारोह में गया और वहां फोटो खिंचवाकर अपनी मौजूदगी का सबूत जुटाता रहा, जबकि उसी दौरान शेर अली और फिरोज ने घर में घुसकर रीता शर्मा की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। हत्या के बाद वारदात को लूट का रूप देने के लिए घर से जेवर और नकदी भी उठा ली गई।

कड़ाई से पूछताछ में टूट गया आरोपी पति
ASP विनीत भटनागर के अनुसार, पुलिस को गुमराह करने के लिए राहुल ने शुरू में लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी, लेकिन साक्ष्यों और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो वह टूट गया और उसने पूरी साजिश कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने राहुल, शेर अली और फिरोज को गिरफ्तार कर लिया।

पत्नी की बीमारी और खर्च से था तंग, रची खौफनाक साजिश
पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू, खून से सने कपड़े और लूटे गए जेवर बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि राहुल अपनी पत्नी की लंबे समय से चली आ रही बीमारी, उस पर होने वाले भारी खर्च और उससे पैदा हुए घरेलू कलह से बुरी तरह परेशान था। रोज-रोज के झगड़ों और आर्थिक दबाव से छुटकारा पाने के लिए उसने अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने का खौफनाक फैसला लिया और इस साजिश को पूरी ठंडे दिमाग से अंजाम दिया।

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