भारतीय सिनेमा में होली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भावनाओं, संगीत और उत्सव का सिनेमाई प्रतीक रही है। आज ‘रंग बरसे’ या ‘बलम पिचकारी’ के बिना होली अधूरी लगती है, लेकिन फिल्मी दुनिया में रंगों से सजे इस सफर की शुरुआत आजादी से भी पहले हो चुकी थी। दिलचस्प बात यह है कि जब फिल्में ब्लैक एंड व्हाइट हुआ करती थीं, तब भी पर्दे पर होली का रंग घुल चुका था। महबूब खान ने रखी थी परंपरा की नींव हिंदी सिनेमा में होली गीतों की शुरुआत साल 1940 में रिलीज…
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