नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 में पाकिस्तान टीम के खराब प्रदर्शन के बाद अब एक नई रिपोर्ट ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। टीम चयन और खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बाबर आजम और फखर जमां पूरी तरह फिट नहीं थे, इसके बावजूद उन्हें टीम में शामिल किया गया। इस खुलासे के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में हड़कंप मच गया है।
फिटनेस पर उठे सवाल, जांच के बाद खुलासा
टीम के चयन समिति सदस्य आकिब जावेद ने पहले ही दोनों खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर सवाल उठाए थे और जांच की मांग की थी। इसके बाद बोर्ड ने मामले की समीक्षा कराई। जांच में सामने आया कि दोनों खिलाड़ी टूर्नामेंट के दौरान पूरी तरह फिट नहीं थे, जिससे टीम के प्रदर्शन पर भी असर पड़ा।
बाबर की चोट अनुमान से ज्यादा गंभीर
रिपोर्ट के अनुसार बाबर आजम की हैमस्ट्रिंग चोट को शुरुआत में हल्के में लिया गया, लेकिन बाद में यह अपेक्षा से अधिक गंभीर निकली। विश्व कप से लौटने के बाद बाबर ने इसी चोट के चलते खेलने से मना कर दिया था, जिससे स्थिति स्पष्ट हो गई। वहीं फखर जमां भी पिछले कई महीनों से इसी तरह की समस्या से जूझ रहे थे।
फिटनेस क्लियरेंस पर खड़े हुए बड़े सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब दोनों खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं थे, तो उन्हें टीम में जगह कैसे मिली। सूत्रों के मुताबिक चयन समिति को बताया गया कि टीम के फिजियोथेरेपिस्ट से दोनों को फिटनेस क्लियरेंस मिला था। हालांकि, इस प्रक्रिया पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिजियोथेरेपिस्ट की भूमिका भी घेरे में
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि संबंधित फिजियोथेरेपिस्ट पर पहले भी खिलाड़ियों के साथ करीबी संबंधों के आरोप लग चुके हैं। आरोप है कि इसी वजह से हल्की चोट के बावजूद खिलाड़ियों को खेलने के लिए फिट घोषित कर दिया जाता है। अब इस पूरे मामले ने बोर्ड की कार्यप्रणाली और चयन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पाकिस्तान क्रिकेट में बढ़ा संकट
इस खुलासे के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की साख पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। चयन प्रक्रिया, मेडिकल जांच और टीम मैनेजमेंट की पारदर्शिता को लेकर अब बहस तेज हो गई है।
