मुंबई में 19 मार्च 2026 को रूस और भारत के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से तीसरा रूस-भारत फोरम “वोल्गा से गंगा तक: सभ्यताओं का संवाद और पूंजी बाजारों का एकीकरण” आयोजित किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण आयोजन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज परिसर में होगा, जहां भारतीय कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और रूस के बड़े निवेशकों के बीच सीधे संवाद का अवसर मिलेगा।
इस फोरम का उद्देश्य भारतीय व्यवसायों को रूस के प्रमुख पूंजी निवेशकों और वित्तीय नीति से जुड़े प्रमुख निर्णयकर्ताओं से जोड़ना है, ताकि दोनों देशों के बीच निवेश, पूंजी प्रवाह और दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिल सके।
भारतीय अर्थव्यवस्था में रूसी निवेश को बढ़ावा देने पर जोर
फोरम का मुख्य फोकस भारतीय अर्थव्यवस्था में रूसी निवेश के नए अवसरों की तलाश और दीर्घकालिक संयुक्त परियोजनाओं को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से दोनों देशों के निवेशकों और कंपनियों के बीच साझेदारी के व्यावहारिक मॉडल पर चर्चा की जाएगी।
इस कार्यक्रम में भारत और रूस की वित्तीय और निवेश नीतियों को प्रभावित करने वाले कई प्रमुख अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल होंगे। इनमें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीषकुमार चौहान, भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा, रूस-बेलारूस संघ राज्य के राज्य सचिव सर्गेई ग्लाज़येव, रूस के उप वित्त मंत्री इवान चेबेस्कोव, बैंक ऑफ रूस के प्रथम उप गवर्नर व्लादिमीर चिस्त्युखिन, रूसी विज्ञान अकादमी के आर्थिक रणनीतियों संस्थान के निदेशक अलेक्जेंडर अगेयेव तथा गैस मशीन्स ग्रुप के निदेशक मंडल के अध्यक्ष और BIREX निवेश कंपनी के अध्यक्ष एडुआर्ड ग्रेकोव शामिल हैं।
भारतीय निवेशकों को मिलेंगे नए अवसर
फोरम में भारत और रूस के प्रमुख बैंकों, निवेश कोषों, परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ औद्योगिक और तकनीकी कंपनियों के मालिक और शीर्ष प्रबंधक भी शामिल होंगे। ये वे कंपनियां हैं जो भारतीय बाजार में प्रवेश करना चाहती हैं और स्थानीय साझेदारों की तलाश में हैं।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण रूस की उन निवेश परियोजनाओं की प्रस्तुति होगी जिनमें भारतीय निवेशकों की भागीदारी संभव है। मुंबई में पहली बार भारतीय निवेशकों को इन परियोजनाओं के प्रमोटरों से सीधे संवाद करने का मौका मिलेगा। साथ ही सीमा-पार निवेश से जुड़े कानूनी और वित्तीय पहलुओं पर विशेषज्ञों से सलाह भी प्राप्त की जा सकेगी।
भारत-रूस पूंजी बाजारों को जोड़ने की पहल
फोरम के चेयरमैन एडुआर्ड ग्रेकोव के अनुसार यह आयोजन केवल चर्चा का मंच नहीं बल्कि भारत और रूस के पूंजी बाजारों को सीधे जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव के बीच दोनों देश पूंजी निवेश और वित्तीय सहयोग के नए रास्ते तलाश रहे हैं और मुंबई इस प्रक्रिया का एक अहम केंद्र बनकर उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि इस मंच का उद्देश्य भारत और रूस के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक निवेश साझेदारी को मजबूत करना है।
