LPG मुद्दे पर संसद में हंगामा: महिला सांसदों ने थाली-चम्मच बजाकर किया विरोध, सत्ता-विपक्ष में तीखी बहस

नई दिल्ली। देश में एलपीजी गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर गुरुवार को संसद के भीतर जोरदार हंगामा देखने को मिला। सड़क से लेकर संसद तक इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। लोकसभा में उस समय असामान्य दृश्य देखने को मिला जब चर्चा के दौरान कुछ महिला सांसद थाली, फ्राइंग पैन और चम्मच लेकर सदन में पहुंचीं और उन्हें बजाकर विरोध दर्ज कराने लगीं।

दरअसल, लोकसभा में बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल बोल रहे थे। इसी दौरान टीएमसी के सांसदों ने एलपीजी गैस की समस्या को लेकर सदन के भीतर बर्तन बजाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे कुछ देर के लिए माहौल काफी गर्म हो गया।

टीएमसी सांसदों का अनोखा विरोध

एलपीजी गैस की कमी और कीमतों के मुद्दे पर टीएमसी सांसदों ने विरोध जताते हुए सदन में बर्तन बजाए। इस दौरान कई महिला सांसद थाली और चम्मच लेकर विरोध प्रदर्शन करती दिखाई दीं।

संसद में इस अनोखे प्रदर्शन में टीएमसी की महिला सांसद प्रतिभा मंडल, जून मालिया, महुआ मोइत्रा, सयानी घोष और माला राय शामिल रहीं। विपक्ष का कहना है कि गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों से आम लोगों की रसोई पर सीधा असर पड़ रहा है।

सरकार का जवाब: देश को एकजुट होकर करना होगा मुकाबला

सदन में हो रहे इस विरोध पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए देश को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा।

उनका कहना था कि वर्तमान हालात चुनौतीपूर्ण हैं और इससे निपटने के लिए सभी दलों को जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए।

टीएमसी का सरकार पर तीखा हमला

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरों को लेकर टीएमसी की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की जानकारी पहले से थी, लेकिन सरकार ने अभी तक यह नहीं बताया कि इस संकट से निपटने की तैयारी क्या है।

उन्होंने कहा कि पहले नोटबंदी के समय लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा था। इसके बाद एसआईआर के दौरान भी यही स्थिति बनी और अब एलपीजी के मुद्दे पर भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

राहुल गांधी ने ऊर्जा सुरक्षा पर उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सरकार की विदेश नीति और ऊर्जा रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गैस और पेट्रोल की समस्या इसलिए पैदा हुई क्योंकि देश की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया गया।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति कमजोर विदेश नीति का परिणाम है। राहुल गांधी ने सरकार को सलाह देते हुए कहा कि जो हो चुका है, वह हो गया, लेकिन अब तत्काल तैयारी शुरू करनी चाहिए। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो करोड़ों लोगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

राज्यसभा में भी गूंजा एलपीजी का मुद्दा

एलपीजी के मुद्दे की गूंज राज्यसभा में भी सुनाई दी। कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने इस पर सरकार को घेरते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि देश की आत्मा गांवों में बसती है।

उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत बनाने के लिए मनरेगा योजना शुरू की थी, जिससे लोगों को गांवों में ही रोजगार मिला। लेकिन मौजूदा सरकार ने इस योजना का बजट कम कर दिया और इसमें कई गड़बड़ियां सामने आईं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले कहा गया था कि गांवों तक एलपीजी पहुंच गई है, लेकिन आज हकीकत सामने है। गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यही हाल रहा तो गटर से गैस कैसे निकलेगी और रोटी कैसे पकेगी।

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