सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी : सड़क हादसे के पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज योजना जल्द

Nitin Gadkari cashless treatment scheme,Road accident cashless treatment India,Free treatment road accident victims,Good Samaritan reward road accident,Road Safety Fund India,Hit and run compensation scheme,Cashless accident treatment 1.5 lakh,Ministry of Road Transport latest news,Road safety scheme India

पीड़ित को अस्पताल में सात दिन तक रहने पर 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा : नितिन गडकरी

नयी दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा केंद्र सरकार सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के लिए एक कैशलेस इलाज योजना जल्द शुरू करेगी। इसके तहत दुर्घटना पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने वाले भले इंसान को 25 हजार रुपये का इनाम भी मिलेगा और पीड़ित को अस्पताल में सात दिन तक रहने पर 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। इलाज का खर्च इंश्योरेंस कंपनियां वहन करेंगी और जहां इंश्योरेंस नहीं होगा वहां सरकार रोड सेफ्टी फंड से खर्च उठाएगी ।

गडकरी ने यहां गुरुवार को देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की सालाना बैठक की। बैठक में सड़क सुरक्षा, यात्रियों और आम लोगों की सुविधा, व्यापार करने में आसानी और ऑटोमोबाइल नियमों, कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम, हिट एंड रन पीड़ितों को मुआवजा, ई-डीएआर, सड़क सुरक्षा मित्र कार्यक्रम, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह, सड़क सुरक्षा अभियान, स्क्रैपिंग पॉलिसी, बस बॉडी कोड, दिव्यांगजनों के लिए सुगमता, बीएनसीएपी 2.0, ट्रकों और बसों में एडीएएस और मोटर व्हीकल एक्ट में प्रस्तावित संशोधन जैसे 12 विषयों पर चर्चा की गई।

यह भी पढ़ें : पीजीआई लखनऊ का दावा: मार्च बाद शुगर की चमत्कारिक दवा हो जाएगी काफी सस्ती

गडकरी ने कैशलेस इलाज योजना पर राज्यों की तैयारियों की समीक्षा कर उन्हें सक्रिय रूप से कमियों को दूर करने के लिए आगाह गया। उन्होंने बताया कि असम, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा, पुडुचेरी और उत्तर प्रदेश में सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद अब इसे पूरे देश में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत परिवहन एक समवर्ती विषय है, इसलिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच करीबी और लगातार तालमेल जरूरी है। नीतियों में सामंजस्य, सहकारी संघवाद को मजबूत करने और देशभर में सुरक्षित, कुशल और नागरिक – केंद्रित परिवहन समाधान देने के लिए नियमित सलाह-मशविरा आवश्यक है।

नई ड्राइविंग ट्रेनिंग पॉलिसी का भी उल्लेख किया जो 15 जनवरी 2025 को शुरू की गई थी । पहले सात साल में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने में कठिनाइयां आईं और मद्रास हाईकोर्ट ने इस पर दो साल तक रोक भी लगाई थी लेकिन नई योजना के बाद एक ही साल में 44 केंद्र स्थापित किए गए और 87 पाइपलाइन में हैं ।

यह भी पढ़ें : अलीगढ़ में हिक्स थर्मामीटर फैक्ट्री पर आयकर विभाग की रेड, चीन से पार्ट्स मंगाकर मैन्युफैक्चरिंग की जांच

Related posts