‘गाजा में शांति जरूरी, भारत आतंकवाद के खिलाफ’, इजरायली संसद में पीएम मोदी का ऐतिहासिक संबोधन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की इजरायल यात्रा पर हैं और इस दौरान उन्होंने इजरायली संसद को संबोधित करते हुए दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने का संदेश दिया। संसद में अपने संबोधन में मोदी ने कहा, “इस प्रतिष्ठित सदन के सामने खड़ा होना मेरे लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है। मैं भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर और 1.4 बिलियन भारतीयों का अभिवादन और दोस्ती लेकर यहां आया हूं।”

आर्थिक और व्यापारिक सहयोग पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत पिछले कुछ वर्षों में दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था रहा है और जल्द ही दुनिया की टॉप तीन इकॉनमी में शामिल होगा। उन्होंने दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और निवेश को बढ़ावा देने पर चर्चा की। मोदी ने यरुशलम में नवाचार से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे पर सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया।

रक्षा और रणनीतिक साझेदारी
मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल रक्षा सहयोग को सिर्फ खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं रखना चाहते। स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम ‘सुदर्शन चक्र’ और इजरायल की आयरन डोम तकनीक पर संभावित सहयोग के अलावा दोनों देश संयुक्त उत्पादन और उन्नत रक्षा प्रणालियों के विकास की दिशा में काम करेंगे। भारत और इजरायल के बीच यह साझेदारी ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाई जा सकती है, जो अब तक केवल अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों को दिया जाता रहा है।

गाजा और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है और गाजा में शांति जरूरी है। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और सप्लाई चेन सहयोग पर भी विचार किया। भारत, इजरायल, यूएई और अमेरिका के संगठन I2U2 के भविष्य की योजना पर भी विमर्श हुआ।

इजरायली मीडिया और स्वागत
इजरायल के प्रमुख अखबार द यरूशलम ने मोदी के दौरे को ‘नए चरण की शुरुआत’ करार दिया। संसद में पीएम मोदी के स्वागत के लिए सांसदों ने ‘मोदी, मोदी’ के नारे लगाए। तेल अवीव के बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने भी मोदी का भव्य स्वागत किया।

भारत और इजरायल के द्विपक्षीय संबंध
भारत और इजरायल के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध 1992 में स्थापित हुए। 2017 में पीएम मोदी इजरायल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। तब से दोनों देशों के रिश्ते बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी में बदल गए हैं। रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और श्रम गतिशीलता के क्षेत्रों में यह संबंध पिछले दशक में काफी मजबूत हुआ है।

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