काठमांडू। नेपाल के रोल्पा जिले के मिरुल गांव में 46 वर्ष पहले जन्मे हरि बुद्ध मगर आज साहस और जिजीविषा का प्रतीक बन चुके हैं। पूर्व गोरखा सैनिक मगर ने अंटार्कटिका स्थित माउंट विंसन (4,892 मीटर) पर तीन दिन की कठिन चढ़ाई पूरी कर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 06 जनवरी को शिखर पर पहुंचकर अपने लक्ष्य को पूरा किया।
माउंट विंसन के शिखर पर नेपाल का झंडा फहराने के बाद उन्होंने उस क्षण को जादुई बताया। उन्होंने कहा, ‘जहां तक नजर जाती थी, बर्फ ही
बर्फ थी। वह अनुभव स्वर्ग जैसा था । ‘ मगर 06 जनवरी की रात 10 बजे अपने नेपाली पर्वतारोहण दल के साथी अभिरल राय, मिंगमा शेरपा और जांगबू शेरपा के साथ माउंट विंसन के शिखर पर पहुंचे। वे अंटार्कटिका के यूनियन ग्लेशियर बेस कैंप से रवाना हुए थे ।
इस कैंप पर 24 घंटे दिन रहता है । मगर ने दोनों घुटनों के ऊपर से पैर कटने के बावजूद सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बनने का कीर्तिमान बनाया है।इस दौरान उन्होंने माइनस – 25 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान को भी सहन किया। उन्होंने कहा, ‘अपनी क्षमताओं को पहचानकर हम हर दिन अपने सपनों के एवरेस्ट पर चढ़ सकते हैं । मैं इस बात का जीवंत प्रमाण हूं कि कड़ी मेहनत सफलता दिलाती है।
