इतिहास रचा नेपाल में: पहली बार किसी पार्टी को मिला स्पष्ट बहुमत, बालेन शाह होंगे देश के पहले मधेसी पीएम

नेपाल में सितंबर 2025 में हुए जेन-जी जनआंदोलन और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद संपन्न संसदीय चुनावों के नतीजों ने देश की राजनीति का नक्शा बदल दिया है। नई राजनीतिक ताकत के रूप में उभरी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। निर्वाचन आयोग के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, पार्टी ने कुल 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 182 सीटें जीत ली हैं, जिससे वह अपने दम पर सरकार बनाने की स्थिति में आ गई है। वहीं, बालेन शाह देश के पहले मधेसी प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं।

चुनाव से पहले राजनीतिक परिदृश्य

इन चुनावों से पहले नेपाल में भ्रष्टाचार, महंगाई और पारंपरिक दलों के खिलाफ युवा वर्ग का व्यापक असंतोष देखने को मिला था। कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए और राजनीतिक सुधार की मांग उठी। इस आंदोलन में 77 लोगों की मौत हुई। आंदोलन के बाद अंतरिम सरकार बनी, जिसका नेतृत्व पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की ने किया। उन्होंने 5 मार्च तक अंतरिम पीएम के रूप में नेपाल में शांति बहाली का काम किया।

नेपाल चुनाव के आंकड़े

चुनाव आयोग के अनुसार, 1 करोड़ 89 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 68 प्रतिशत ने मतदान किया। प्रतिनिधि सभा की कुल 275 सीटों के लिए हजारों उम्मीदवार मैदान में थे। प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली (FPTP) के तहत 165 सीटों के लिए 2,400 से अधिक उम्मीदवार खड़े हुए, जबकि आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (PR) के तहत विभिन्न दलों ने अपनी सूची प्रस्तुत की। मतगणना चार दिनों तक लगातार जारी रही और अंतिम परिणाम बृहस्पतिवार को घोषित किए गए।

आरएसपी ने प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली में 125 और आनुपातिक प्रतिनिधित्व में 57 सीटें हासिल कीं। इस तरह पार्टी ने 182 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े को काफी पीछे छोड़ दिया।

नेपाल संसद की संरचना और बहुमत का महत्व

नेपाल की प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सीटें हैं, जिनमें से 165 प्रत्यक्ष मतदान और 110 आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से चुने जाते हैं। सरकार बनाने के लिए किसी पार्टी को कम से कम 138 सीटों की आवश्यकता होती है।

बालेन शाह और आरएसपी ने 1990 के बाद से चले आ रहे बहुमत के मिथक को तोड़ दिया। 2008 से अब तक नेपाल में बनी 32 सरकारों में से अधिकांश गठबंधन आधारित रही हैं। अब बालेन शाह एक अलग रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं।

बालेन शाह: पहले मधेसी और सबसे युवा पीएम

आरएसपी ने बालेन शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। 35 वर्षीय बालेन शाह, जिन्हें पहले रैपर के रूप में जाना जाता था, अब नेपाल के इतिहास में पहले मधेसी प्रधानमंत्री और सबसे युवा निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। इससे पहले बने सभी प्रधानमंत्रियों का आधार पहाड़ी इलाके था।

चुनाव में सबसे बड़ा मुकाबला और करारी हार

सबसे चर्चित मुकाबला झापा-5 क्षेत्र में देखने को मिला। बालेन शाह ने नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी (एमएल) के चार बार के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भारी अंतर से हराया। बालेन शाह ने 68,348 वोट हासिल किए, जबकि 74 वर्षीय ओली को केवल 18,734 वोट मिले।

अन्य बड़े नेता और पारंपरिक दलों की स्थिति

पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल, बाबूराम भट्टराई और नेपाली कांग्रेस के साझा पीएम उम्मीदवार गगन थापा को हार का सामना करना पड़ा। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ही इस बार चुनाव में अपनी सीट बचा सके।

आरएसपी ने नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल के कई मजबूत क्षेत्रों में जीत हासिल की। सीपीएन-यूएमएल के लगभग 11 वरिष्ठ पदाधिकारी और नेपाली कांग्रेस के कई बड़े नेता इस चुनाव में हार गए।

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