भारतीय मूल की युवा उद्यमी हर्षिता अरोड़ा ने वैश्विक स्टार्टअप जगत में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने दुनिया की प्रतिष्ठित स्टार्टअप संस्था वाई कॉम्बिनेटर में जनरल पार्टनर के रूप में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले वह इसी संस्था में सबसे कम उम्र की विजिटिंग पार्टनर रह चुकी हैं और अब पूर्णकालिक भूमिका में नई पीढ़ी के स्टार्टअप्स को दिशा देंगी।
छोटी उम्र में तकनीक की दुनिया में बनाई पहचान
वाई कॉम्बिनेटर ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि हर्षिता ने बहुत कम उम्र में ही तकनीक के क्षेत्र में कदम रख दिया था। विजिटिंग पार्टनर के रूप में एक साल का अनुभव लेने के बाद अब उन्हें जनरल पार्टनर की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस भूमिका में वह नए स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन देंगी और उन्हें आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर हर्षिता ने कहा कि उन्हें प्रतिभाशाली उद्यमियों के साथ काम करने का शानदार अनुभव मिला और अब वह इस नई भूमिका को लेकर उत्साहित हैं।
सहारनपुर से वैश्विक मंच तक का सफर
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की रहने वाली हर्षिता अरोड़ा ने महज 13 साल की उम्र में कोडिंग सीखना शुरू किया। तकनीक के प्रति जुनून इतना मजबूत था कि उन्होंने 15 साल की उम्र में ही स्कूल छोड़कर इस क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया। 16 साल की उम्र में उन्होंने एक क्रिप्टो पोर्टफोलियो प्रबंधन ऐप तैयार किया, जिसे एप्पल ने फीचर किया और बाद में खरीद लिया।
राष्ट्रीय स्तर पर भी मिला सम्मान
हर्षिता की उपलब्धियों को देश में भी सराहा गया। साल 2020 में उन्हें ‘बाल शक्ति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया, जो देश के युवाओं के लिए एक प्रतिष्ठित सम्मान है। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा था कि विज्ञान, तकनीक और मानव कल्याण के प्रति उनका समर्पण प्रेरणादायक है।
स्टार्टअप जगत में मजबूत पकड़
हर्षिता ने वर्ष 2019 में विग्नान वेलिवेला और तुषार मिश्रा के साथ मिलकर एटूबी नामक स्टार्टअप की स्थापना की। यह कंपनी ट्रकिंग क्षेत्र के लिए वित्तीय ढांचा तैयार करती है और फ्लीट कार्ड तथा तत्काल भुगतान जैसी सुविधाएं देती है। वर्तमान में यह कंपनी सीरीज-सी स्तर तक पहुंच चुकी है और अमेरिका में 30 हजार से अधिक फ्लीट्स को सेवाएं दे रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी का मूल्यांकन करीब 800 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है।
नई भूमिका में क्या होंगी जिम्मेदारियां
वाई कॉम्बिनेटर के अनुसार, हर्षिता अरोड़ा वित्तीय तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में अपने अनुभव का उपयोग करते हुए स्टार्टअप फाउंडर्स को उत्पाद विकास, विस्तार और स्केलिंग की रणनीतियों में मार्गदर्शन देंगी। उनकी यह भूमिका आने वाले समय में कई नए स्टार्टअप्स के लिए दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है।
