दशकों से मध्य पूर्व में सुरक्षित और स्थिर शहर की पहचान रखने वाले दुबई की तस्वीर कुछ ही दिनों में बदल गई है। 24 फरवरी तक सैटेलाइट इमेज में जहां जगमगाती सड़कें, चमचमाते टावर और समुद्री तट की रौनक दिख रही थी, वहीं 1 मार्च की ताजा तस्वीरों ने दुनिया को हैरान कर दिया। नई तस्वीरों में दुबई के आसमान में काले धुएं के गुबार उठते नजर आए, जिसने क्षेत्रीय तनाव की गंभीरता को उजागर कर दिया है।
ड्रोन और मिसाइलों की बौछार, एयर डिफेंस ने कई हमले नाकाम किए
ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में खाड़ी देशों पर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें दागीं। दुबई के एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश हमलों को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया, लेकिन मिसाइलों के मलबे से शहर के कई प्रमुख इलाकों को नुकसान पहुंचा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतिष्ठित बुर्ज अल अरब होटल और पॉश इलाका पाम जुमेराह के पास मलबा गिरने से क्षति हुई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि रात में तेज धमाकों और आसमान में इंटरसेप्टर मिसाइलों की चमक से पूरा शहर दहल उठा।
भ्रामक फुटेज पर सख्ती, वर्क फ्रॉम होम की सलाह
दुबई मीडिया कार्यालय ने स्पष्ट किया कि पुरानी आगजनी की कुछ फुटेज सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भ्रामक सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने अपनी पोस्ट हटा लीं।
रविवार तक खाड़ी क्षेत्र में ईरान की जवाबी कार्रवाई तेज होती गई, लेकिन शहर के भीतर असामान्य शांति का माहौल देखा गया। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के मानव संसाधन मंत्रालय ने एहतियात के तौर पर निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को मंगलवार तक वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है।
हमलों की पृष्ठभूमि क्या है?
यह तनाव तब भड़का जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़ा हमला किया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने बदला लेने की कसम खाते हुए इजरायल और उन खाड़ी देशों को निशाना बनाना शुरू किया, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
24 फरवरी 2026 तक सामान्य दिखने वाला दुबई 1 मार्च की सैटेलाइट तस्वीरों में धुएं से घिरा नजर आया। बदलती तस्वीरें इस बात का संकेत हैं कि पश्चिम एशिया का मौजूदा संघर्ष अब व्यापक क्षेत्रीय असर डाल रहा है।
