प्रदेश में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बीते 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे अन्नदाता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिंता जताई है और साफ कहा है कि राज्य सरकार किसानों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
उच्चस्तरीय बैठक में दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
बुधवार सुबह आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने में किसी तरह की देरी न हो। उन्होंने कहा कि ऐसी विपरीत परिस्थितियों में किसानों का चिंतित होना स्वाभाविक है, इसलिए प्रशासन को संवेदनशील और सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
हर किसान के नुकसान का निष्पक्ष आकलन जरूरी
सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित सभी किसानों और बटाईदारों के नुकसान का सटीक, निष्पक्ष और समयबद्ध आकलन किया जाए। इसके लिए जिला स्तर पर राजस्व, कृषि और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया है, ताकि सर्वेक्षण तेजी से पूरा कर रिपोर्ट शासन को भेजी जा सके।
मुआवजे में देरी बर्दाश्त नहीं, तुरंत हो भुगतान
मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि राहत वितरण यानी मुआवजे में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिपोर्ट मिलते ही प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
बीमा दावों के शीघ्र निस्तारण पर जोर
मुख्यमंत्री ने फसल बीमा से जुड़े मामलों को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर दावों का जल्द निपटारा किया जाए। साथ ही अधिकारी खुद किसानों से संपर्क कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।
आपदा राहत कोष से जिलों को तुरंत धनराशि
राजस्व विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जिले को राज्य आपदा राहत कोष से पर्याप्त धनराशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि राहत कार्यों में कोई बाधा न आए और किसानों को समय पर सहायता मिल सके।
जनहानि और पशुहानि पर 24 घंटे में राहत राशि
मुख्यमंत्री ने तेज हवाओं के चलते आग लगने की घटनाओं का भी संज्ञान लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां कहीं जनहानि या पशुहानि हुई है, वहां 24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही चेतावनी दी कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय होगी।
