लखनऊ में कूटनीतिक और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने वाली अहम बैठक हुई, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने मुलाकात की। इस दौरान उत्तर प्रदेश में निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और कौशल विकास के क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
यूपी को बताया उभरता निवेश और नवाचार केंद्र
बैठक के दौरान उच्चायुक्त ने भारत और कनाडा के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश को तेजी से उभरते निवेश और नवाचार केंद्र के रूप में रेखांकित करते हुए राज्य में हुए बदलावों के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना की।
ग्रीन एनर्जी और एआई समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की रुचि
कनाडा की ओर से ग्रीन एनर्जी, एलएनजी-एलपीजी, क्रिटिकल मिनरल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई गई। इसके साथ ही शिक्षा और अनुसंधान को भी साझेदारी का अहम आधार बताया गया, जिससे कौशल विकास, नवाचार और वैश्विक प्रतिभा के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिल सके।
कनाडाई कंपनियां निवेश के अवसर तलाशने को तैयार
उच्चायुक्त ने संकेत दिए कि कनाडा की कंपनियां उत्तर प्रदेश में दीर्घकालिक निवेश और तकनीकी साझेदारी के लिए सक्रिय रूप से अवसरों का आकलन कर रही हैं। सतत ऊर्जा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में कनाडा की विशेषज्ञता को प्रदेश की विकास योजनाओं के अनुरूप बताया गया।
सीएम योगी ने निवेशकों को दिया आमंत्रण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में बेहतर होते निवेश माहौल, औद्योगिक विकास और नीतिगत सुधारों का जिक्र करते हुए कनाडाई कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और ब्रह्मोस परियोजना का उल्लेख करते हुए प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को रेखांकित किया।
पारदर्शी नीतियां और संस्थागत सहयोग का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, स्थिर और उद्योग-अनुकूल नीति वातावरण सुनिश्चित कर रही है। साथ ही कनाडा के साथ तकनीक, कौशल और नवाचार आधारित सहयोग को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए हर संभव संस्थागत समर्थन देने का भरोसा भी जताया।
