आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहने के लिए लोग जिम, योग, पिलेट्स, रनिंग और हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग जैसी कई एक्सरसाइज अपनाते हैं। लेकिन इन सबके बीच एक सबसे आसान, सस्ता और सुलभ तरीका है—वॉकिंग। न किसी महंगे उपकरण की जरूरत और न ही जिम मेंबरशिप की। बस आरामदायक जूते पहनिए और चलना शुरू कर दीजिए। भारतीय घरों में खासकर खाना खाने के बाद टहलने की आदत आम है। ऐसे में सवाल उठता है—क्या सिर्फ वॉकिंग से पूरी फिटनेस हासिल की जा सकती है?
फिटनेस के लिए क्या सिर्फ वॉक काफी है?
फिटनेस विशेषज्ञों के मुताबिक, वॉकिंग एक बेहतरीन फिजिकल एक्टिविटी है, लेकिन इसे संपूर्ण वर्कआउट नहीं कहा जा सकता। नियमित चलने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, तनाव कम होता है, मूड में सुधार आता है और जोड़ों की लचक बनी रहती है। यह हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है और वजन नियंत्रित रखने में मदद करती है।
जो लोग फिटनेस की शुरुआत कर रहे हैं, बुजुर्ग हैं या बीमारी और चोट के बाद दोबारा एक्टिव होना चाहते हैं, उनके लिए तेज चाल से वॉकिंग एक सुरक्षित और असरदार शुरुआत मानी जाती है।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग क्यों है जरूरी?
सिर्फ चलने से मांसपेशियों को पर्याप्त चुनौती नहीं मिलती। उम्र बढ़ने के साथ शरीर की मसल्स मास कम होने लगता है। अगर मांसपेशियों को नियमित रूप से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के जरिए सक्रिय न रखा जाए, तो वे कमजोर पड़ सकती हैं।
विशेषज्ञ हफ्ते में 2 से 4 दिन वेट ट्रेनिंग या बॉडी वेट एक्सरसाइज (जैसे स्क्वाट्स, पुश-अप्स) करने की सलाह देते हैं। इससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, हड्डियां मजबूत होती हैं और शरीर ज्यादा टोंड व संतुलित बनता है।
वॉकिंग करते समय इन बातों का रखें ध्यान
हर वॉक फिटनेस वॉक नहीं होती। बाजार में आराम से टहलना और तेज चाल से फिटनेस के लिए चलना अलग बात है। सही स्पीड का आसान पैमाना यह है कि चलते समय आप बातचीत तो कर सकें, लेकिन गाना न गा पाएं।
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मीडियम इंटेंसिटी वॉक करें। रोजाना 7,000 से 10,000 कदम का लक्ष्य रखें और 30 से 45 मिनट तेज चाल से चलें। चलते समय रीढ़ सीधी रखें, कंधे ढीले रखें और हाथों की मूवमेंट स्वाभाविक रखें। अगर संभव हो तो सीढ़ियां या हल्की ढलान को रूटीन में शामिल करें।
सिर्फ हेल्दी रहना है या बॉडी बनानी है?
अगर आपका लक्ष्य सिर्फ एक्टिव और हेल्दी रहना है, तनाव कम करना है और रोजमर्रा की फिटनेस बनाए रखना है, तो नियमित तेज चाल से वॉकिंग काफी हद तक मददगार हो सकती है।
लेकिन अगर आप मांसपेशियों को मजबूत बनाना, शरीर को टोंड और एथलेटिक लुक देना चाहते हैं, तो सिर्फ वॉकिंग पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। बेहतर फिटनेस के लिए वॉकिंग के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और अन्य एक्सरसाइज को भी रूटीन में शामिल करना जरूरी है।
