ईरान जंग के बीच अमेरिका को बड़ा झटका, पश्चिमी इराक में क्रैश हुआ एयर रिफ्यूलर विमान

मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी युद्ध का आज 14वां दिन है। इसी बीच जंग के मैदान से अमेरिका के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार ईरान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में शामिल एक एयर रिफ्यूलर विमान क्रैश हो गया है, जिससे अमेरिका को बड़ा नुकसान हुआ है।

बताया जा रहा है कि यह केसी-135 एयर रिफ्यूलर विमान था, जो युद्ध के दौरान लड़ाकू विमानों को हवा में ही ईंधन उपलब्ध कराता है। ऐसे विमानों की मदद से फाइटर जेट्स को बार-बार जमीन पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ती और वे लंबे समय तक मिशन पर बने रह सकते हैं।

यूएस सेंट्रल कमांड ने हादसे की पुष्टि की

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी इस घटना की पुष्टि की है। जारी जानकारी के अनुसार ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान एयर रिफ्यूलर विमान के नुकसान की सूचना मिली है। यह घटना फ्रेंडली एयरस्पेस में हुई और रेस्क्यू अभियान जारी है।

बताया गया कि एक विमान पश्चिमी इराक में गिर गया, जबकि दूसरा विमान सुरक्षित तरीके से लैंड कर गया। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

क्रैश के कारणों पर अभी साफ जानकारी नहीं

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अभी तक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं की है। हालांकि प्रारंभिक जानकारी में यह स्पष्ट किया गया है कि यह घटना न तो दुश्मन की गोलीबारी की वजह से हुई और न ही किसी मित्र सेना की फायरिंग के कारण।

कमांड ने कहा है कि जैसे-जैसे स्थिति स्पष्ट होगी, घटना से जुड़ी और जानकारी साझा की जाएगी। साथ ही सैन्य कर्मियों के परिवारों को पूरी जानकारी देने के लिए जांच जारी है।

ईरान में 6 हजार से ज्यादा ठिकानों पर हमले का दावा

इस बीच अमेरिकी सेना ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को लेकर ताजा जानकारी भी साझा की है। दावे के अनुसार पिछले 12 दिनों में ईरान के भीतर 6 हजार से अधिक लक्ष्यों और करीब 90 जहाजों को नष्ट किया गया है।

राष्ट्रपति के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करने के लिए लगातार हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों में अमेरिका अपने सबसे आधुनिक और शक्तिशाली हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है।

बताया गया कि अभियान में अत्याधुनिक स्टील्थ बॉम्बरों और लड़ाकू विमानों को तैनात किया गया है। इनमें बी-1, बी-2 और बी-52 बॉम्बर, एफ-15, एफ-16, एफ-18, एफ-22 और एफ-35 लड़ाकू विमान के अलावा ए-10 अटैक जेट्स, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर और रिफ्यूलिंग टैंकर भी शामिल हैं।

अमेरिकी सेना के मुताबिक हमलों में ईरान के कमांड और कंट्रोल सेंटर, सैन्य ठिकाने, नौसेना के जहाज, पनडुब्बियां, माइन बिछाने वाले जहाजों के कारखाने और हथियारों के गोदाम प्रमुख निशाने पर रहे हैं।

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