नई दिल्ली: असम विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला अंतिम रूप ले चुका है। इसकी जानकारी असम के मुख्यमंत्री हिमंत বিশ্ব शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि भाजपा, असम गण परिषद और बीपीएफ के बीच सीटों का बंटवारा तय हो गया है। इस बीच, राजधानी दिल्ली में बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की अहम बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद रहे। बैठक में सीट शेयरिंग के साथ ही असम के 89 उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लग गई है। उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा कल की संभावना है।
यूपीपीएल नहीं बना NDA का हिस्सा
सीएम शर्मा ने स्पष्ट किया कि यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) अब भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा नहीं है। वहीं, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) अब भी गठबंधन में बना रहेगा। बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) क्षेत्र में यूपीपीएल और बीपीएफ प्रतिद्वंद्वी दल हैं। यह क्षेत्र 2003 में संविधान की छठी अनुसूची के तहत स्वायत्त रूप से स्थापित किया गया था और यहां विधानसभा की कुल 15 सीटें आती हैं।
बीपीएफ गठबंधन में कायम
शर्मा ने नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “यूपीपीएल 15 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और उन्हें हमारी शुभकामनाएं हैं। हमारा गठबंधन बीपीएफ के साथ है।” असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा और मतगणना 4 मई को होगी। यूपीपीएल पांच साल तक भाजपा की गठबंधन सरकार का हिस्सा रही, जबकि बीपीएफ ने बाद में समर्थन दिया। बीपीएफ 2016 में भी भाजपा नेतृत्व वाली पिछली सरकार का हिस्सा रही थी।
असम गण परिषद् 26 सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि असम गण परिषद 26 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, ठीक वैसे ही जैसे पिछली बार की थी। सीट शेयरिंग के अनुसार बीपीएफ को 11 सीटें दी गई हैं। उन्होंने बताया, “आज शाम हमारी संसदीय दल की बैठक के बाद, सीटों के नामों की घोषणा संभव है।” फिलहाल, भाजपा, असम गण परिषद और बीपीएफ ने आधिकारिक तौर पर किसी भी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
