लखनऊ। उत्तर प्रदेश को देश ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर फार्मा हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा रोडमैप तैयार किया है। निवेशकों को सहूलियतें और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के भरोसे के साथ सरकार फार्मास्यूटिकल सेक्टर में बड़े निवेश को आकर्षित कर रही है। हाल ही में लखनऊ में आयोजित फार्मा कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद प्रदेश में फार्मा कंपनियों की सक्रियता तेजी से बढ़ी है।
लखनऊ में वर्ल्ड क्लास फार्मा इंस्टीट्यूट की तैयारी
सरकार की योजना लखनऊ में एक विश्वस्तरीय फार्मा इंस्टीट्यूट स्थापित करने की है, जिससे रिसर्च, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही ललितपुर और नोएडा को ग्लोबल फार्मा हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य तय किया गया है।
ललितपुर में तैयार हो रहा फ्यूचर-रेडी फार्मा इकोसिस्टम
शासन की गाइडलाइन के अनुसार रेड और ऑरेंज श्रेणी की बल्क ड्रग मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को अब नोएडा के साथ-साथ ललितपुर में भी प्लांट लगाने की अनुमति होगी। ललितपुर में पहले चरण के तहत 352.91 एकड़ क्षेत्र में फार्मुलेशन यूनिट, बल्क ड्रग्स और कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जा रहा है। वहीं दूसरे चरण में 1465 एकड़ भूमि के विकास के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी किया जा चुका है।
नोएडा में एयरपोर्ट के पास नया फार्मा पार्क प्रस्तावित
यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर-28 में 350 एकड़ में संचालित मेडिकल डिवाइस पार्क के साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास सेक्टर-7 में 250 एकड़ क्षेत्र में एक और फार्मा फार्मुलेशन पार्क प्रस्तावित है। इस पार्क में अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
10 हजार करोड़ के निवेश पर 11 एमओयू साइन
फार्मा कॉन्क्लेव के दौरान फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में करीब 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश को लेकर 11 समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हो चुका है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में दवा उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।
यूपी में फार्मा सेक्टर की अपार संभावनाएं
स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के अनुसार प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में सालाना करीब 50 करोड़ मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जबकि इसके मुकाबले राज्य में दवा उत्पादन अभी अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में फार्मा सेक्टर के विस्तार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं और सरकार इसे अवसर में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
