नई दिल्ली: दिवाली और छठ के त्योहार पर घर लौटने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए हवाई सफर महंगा पड़ रहा है। देश के कई प्रमुख हवाई मार्गों पर टिकटों के दाम सामान्य दिनों के मुकाबले दो से सात गुना तक पहुंच गए हैं। त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या और सीमित सीटों के कारण किराये में तेजी आई है। इसका सीधा असर उन लोगों की जेब पर पड़ रहा है, जो नौकरी या कारोबार के सिलसिले में दूसरे शहरों में रहते हैं और त्योहार मनाने घर जाना चाहते हैं।
दिल्ली से कोलकाता जाने वाली उड़ानों का किराया इसका बड़ा उदाहरण है। सामान्य दिनों में इस मार्ग पर टिकट की कीमत करीब 10 से 11 हजार रुपये रहती है, लेकिन छह नवंबर के लिए किराया बढ़कर 78,694 रुपये तक पहुंच गया है। एक ही दिन और मार्ग पर अलग-अलग समय की उड़ानों के टिकटों में भी काफी अंतर देखने को मिल रहा है।
सुबह की उड़ान के मुकाबले दोपहर का टिकट महंगा
हवाई किराया केवल मार्ग के आधार पर ही नहीं, बल्कि उड़ान के समय के हिसाब से भी बदल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को छह नवंबर के लिए बेंगलुरु से दिल्ली की सुबह पांच बजे की उड़ान का टिकट करीब 15,901 रुपये में उपलब्ध था। वहीं, इसी दिन दोपहर 3:45 बजे की उड़ान का किराया बढ़कर 40,506 रुपये तक पहुंच गया।
दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़े शहरों के बीच ही नहीं, बल्कि अलग-अलग राज्यों की राजधानियों और पहाड़ी क्षेत्रों को जोड़ने वाले हवाई मार्गों पर भी किराये में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
त्योहारों पर क्यों बढ़ जाता है हवाई किराया?
दिवाली और छठ के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौटते हैं। नौकरी और कारोबार के लिए दूसरे शहरों में रहने वाले लोगों की आवाजाही बढ़ने से कुछ खास तारीखों पर हवाई टिकटों की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी वजह से त्योहारों के आसपास किराये में तेजी देखने को मिलती है।
विमानन कंपनियों के मुताबिक, हवाई किराया मांग और सीटों की उपलब्धता के आधार पर तय होता है। शुरुआती दौर में कम कीमत वाले टिकट बुक हो जाने के बाद यात्रियों को महंगे विकल्प चुनने पड़ते हैं। ऐसे में टिकट की कीमतों में बड़ा अंतर दिखाई देने लगता है।
सीधी उड़ानों और सीमित सीटों का भी असर
कुछ हवाई मार्गों पर सीधी उड़ानों की संख्या सीमित होने के कारण भी किराये पर दबाव बढ़ता है। त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने और उपलब्ध सीटें कम पड़ने से टिकट महंगे हो सकते हैं। इसके अलावा घरेलू उड़ानों की क्षमता में कमी और ईंधन की बढ़ती लागत को भी किराये में बढ़ोतरी की वजहों में गिना जा रहा है।
ऐसे में दिवाली और छठ पर घर जाने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए उड़ान का समय और उपलब्ध विकल्प देखकर टिकट बुक करना अहम हो गया है। एक ही मार्ग पर अलग-अलग समय की उड़ानों के किराये में बड़ा अंतर होने से टिकट चुनने से पहले कीमतों की तुलना करना उपयोगी हो सकता है।
