जयपुर: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मंगलवार को राजस्थान दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह कार से दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे का सफर करेंगे और पूरे मार्ग का उच्चस्तरीय निरीक्षण करेंगे। हाल ही में दौसा के पास हुए भीषण सड़क हादसे और लगातार बढ़ रही दुर्घटनाओं के बाद यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दो साल में 57 हादसे, 61 लोगों की गई जान
दौसा जिले से गुजरने वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर वर्ष 2025 में 33 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 35 लोगों की मौत हुई। वहीं वर्ष 2026 में जून तक 24 हादसों में 26 लोगों की जान जा चुकी है। महज डेढ़ वर्ष में 57 हादसों में 61 लोगों की मौत ने एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालिया हादसे ने खोली कई खामियां
1 जुलाई की देर रात हरिद्वार से इंदौर जा रही एक बस ट्रक से टकरा गई थी। इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ट्रक चालक को जयपुर-अजमेर की ओर मुड़ना था, लेकिन जीरो पॉइंट पर स्पष्ट दिशा-सूचक बोर्ड नहीं होने के कारण भ्रम की स्थिति बनी।
साइन बोर्ड और संकेतकों की कमी बन रही हादसों की वजह
प्राथमिक जांच में पता चला कि दिल्ली की ओर से आने वाले वाहन जब जयपुर लिंक मार्ग की ओर मुड़ते हैं, तब जीरो पॉइंट पर पर्याप्त दिशा-सूचक संकेत नहीं होने से चालक अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। कई वाहन आगे निकलने के बाद अचानक धीमे हो जाते हैं या वापस लौटने की कोशिश करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। टर्न से पहले लगे संकेतक भी तेज रफ्तार में स्पष्ट दिखाई नहीं देते।
स्पीड निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में भी मिली कमियां
जांच के दौरान एक्सप्रेसवे पर कई एसओएस फोन बंद मिले। कई स्थानों पर दिशा बताने वाले साइन बोर्ड और एरो स्पष्ट नहीं पाए गए। तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी और चालान व्यवस्था में भी लापरवाही सामने आई है। जांच समिति ने माना है कि जीरो पॉइंट पर स्पष्ट संकेतक नहीं होने से दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ रहा है।
जांच समिति कर रही विस्तृत निरीक्षण
दौसा जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को लेकर आठ सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर के नेतृत्व में समिति 8 और 9 जुलाई को एक्सप्रेसवे के पैकेज-6, 7 और 8 के 150 से 240 किलोमीटर हिस्से का निरीक्षण कर रही है। समिति सुरक्षा संबंधी सभी खामियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
आईजी बोले- हादसे की असली वजह जांच के बाद होगी स्पष्ट
पुलिस अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे के किनारे मौजूद सभी अस्थायी अतिक्रमण हटा दिए गए हैं, जिससे सड़क सुरक्षा बेहतर हो सके। हालांकि 1 जुलाई को हुए हादसे का वास्तविक कारण विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
निरीक्षण के बाद मुकुंदरा टनल परियोजना का भी लेंगे जायजा
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निरीक्षण के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी दोपहर में कोटा के पास मुकुंदरा टनल परियोजना का भी निरीक्षण करेंगे। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर परियोजनाओं की प्रगति और सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करेंगे।
