तेहरान: ईरान की सेना ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे का कड़ा विरोध किया है, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच दो दिनों तक सार्थक और सकारात्मक बातचीत हुई है और इसी वजह से अगले पांच दिनों तक ईरान पर कोई हमला नहीं किया जाएगा। ईरानी सेना ने इसे वास्तविकता से परे बताया और अमेरिकी दावों का मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि अमेरिका केवल अपने आप से ही वार्ता कर रहा है।
वैश्विक शक्ति होने का दावा असफल साबित
ईरानी सेना के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ोल्फ़ाग़ारी ने सरकारी टेलीविजन पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि “जो रणनीतिक शक्ति आप बताते थे, वह अब पूरी तरह असफल हो चुकी है। जो खुद को वैश्विक महाशक्ति मानता है, अगर वह इस उलझन से बाहर निकल सकता तो अब तक निकल चुका होता।” उन्होंने ट्रंप प्रशासन की सैन्य और कूटनीतिक नीतियों की खुलकर आलोचना की।
हार को समझौते का रूप न दें
ज़ोल्फ़ाग़ारी ने स्पष्ट कहा, “अपनी हार को समझौते का रूप न दें। आपके खोखले वादों का दौर अब समाप्त हो चुका है। क्या आपके आंतरिक विवाद इतने बढ़ गए हैं कि अब आप केवल अपने आप से ही वार्ता कर रहे हैं?” उनका यह बयान ट्रंप प्रशासन द्वारा पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को भेजे गए 15 सूत्री युद्धविराम प्रस्ताव के कुछ ही देर बाद सामने आया। उन्होंने कहा कि ईरान का रुख स्पष्ट है: “हमारा पहला और आखिरी शब्द हमेशा एक जैसा रहा है और रहेगा: हमारे जैसे लोग आपके जैसे लोगों से कभी समझौता नहीं करेंगे, न अब, न कभी।”
